राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में नए सदस्यों के तौर पर जिन नाम पर मुहर लगी है उसमें मदन मोहन पांडेय, महेश भागचंदका, निर्मला यादव नए ट्रस्ट सदस्य नियुक्त किए गए हैं. आधिकारिक घोषणा ट्रस्ट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में की जा सकती है.
बता दें मदन मोहन पांडेय अयोध्या के निवासी हैं और रामलला केस में पैरवी भी की है. वहीं महेश भागचंदका-दिल्ली और निर्मला यादव शिकोहाबाद की निवासी हैं. अयोध्या स्थित मणिराम छावनी में 2 सितंबर 2026, बुधवार को ट्रस्ट की बैठक जारी है. बैठक में दिनेन्द्र दास, कृष्ण मोहन, कमलनयन दास, जिलाधिकारी अयोध्या समेत अन्य सदस्य मौजूद हैं. इस बैठक में कुछ सदस्य ऑनलाइन माध्यम से जुड़े हुए हैं.
राम मंदिर ट्रस्ट में क्यों हो रहे इतने बदलाव?
इसके अलावा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट आज राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति कर सकता है. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. राम मंदिर में दान के कथित गबन के मामले के बाद ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन की निगरानी बढ़ाए जाने के बीच सीईओ का पद सृजित किया गया था. इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
विवाद के बाद ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और एक अन्य पदाधिकारी ने इस्तीफा दे दिया है.बुधवार की बैठक में सीईओ की शक्तियों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने, नए प्रशासनिक ढांचे को संस्थागत रूप देने तथा विभिन्न ट्रस्ट समितियों के बीच समन्वय को बेहतर बनाने के लिए ट्रस्ट डीड में संशोधन पर भी विचार किए जाने की संभावना है.
बैठक में ट्रस्ट के वित्तीय और प्रशासनिक मामलों तथा मंदिर में दान से जुड़े मामले के अलावा स्थानीय अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था के समन्वय पर भी चर्चा हो सकती है.



















