गुजरात के अमरेली जिले में आर्थिक रूप से परेशान एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पांच साल की बेटी की हत्या कर उसका शव रेफ्रिजरेटर में रख दिया और बाद में आत्महत्या कर ली. पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. एक अधिकारी ने बताया कि यह खौफनाक वारदात गुब्बारों और मोमबत्तियों से सजे एक कमरे में हुई, जहां मृतक किशोर धनक (40) ने अपराध स्वीकार करते हुए कुछ नोट छोड़े. उन्होंने बताया कि धनक ने नोट में लिखा था कि उसकी मौत के बाद अपनी बेटी को तकलीफ से बचाने के लिए उसने उसकी लाश को फ्रिज में रख दिया है.
तीन सुसाइड नोट बिस्तर पर छोड़े
राजुला की पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी)नयना गोरडिया ने बताया कि धनक निर्माण स्थल पर सुपरवाइजर का काम करता था और बुधवार को अपनी बेटी हिमांशी के साथ घर पर ही था. उन्होंने बताया कि धनक ने कथित तौर पर हिमांशी का मुंह हाथ से दबाकर उसका दम घोंट दिया. इसके बाद उसने उसकी लाश को रेफ्रिजरेटर में रख दिया और खुद फांसी लगा ली. प्राथमिकी के मुताबिक धनक ने तीन सुसाइड नोट लिख कर उन्हें बिस्तर पर रख दिया था.
धनक की पत्नी ने क्या बताया?
धनक की पत्नी मंजू बेन ने तहरीर में बताया कि एक नोट में पति ने लिखा था कि उन्होंने ‘पर्सनल लोन’ लिया था और उन पैसे का निवेश निर्माण कार्य में किया था. प्राथमिकी के मुताबिक, ‘‘धनक को 7.25 लाख रुपये मिलने थे, लेकिन उन्होंने (कारोबारी मित्रों ने) उन्हें कुछ नहीं दिया. उनके पास पैसे नहीं थे और उन्हें कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था, इसलिए वह अपनी बेटी के साथ आत्महत्या कर रहे हैं.’’
दूसरे सुसाइड नोट में माफी मांगी
धनक ने दूसरे सुसाइड नोट में लिखा कि उसने बच्ची को इसलिए मार डाला क्योंकि वह नहीं चाहते था कि उसकी मौत के बाद बेटी को कोई तकलीफ हो. वहीं एक और सुसाइड नोट में उसने माफी मांगी और बताया कि बच्ची की लाश रेफ्रिजरेटर में रखी है.
वारदात की जानकारी तब हुई जब 14 सितंबर को मायके गई मंजू बेन ने धनक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसे फोन कॉल का कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद मंजू बेन ने बुधवार शाम को अपने भाई को धनक का हाल-चाल जानने के लिए भेजा, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला. इसके बाद मंजू बेन घर लौटीं और दरवाजा तोड़कर घर में दाखिल हुईं और फंदे से लटका धनक का शव देखा.
बच्ची के होंठों पर तुलसी के पत्ते भी रखे थे
पुलिस निरीक्षक पी एल चौधरी ने बताया, ‘‘कमरे में कुछ असामान्य था.’’ उन्होंने बताया कि कमरे को गुब्बारों और मोमबत्तियों से सजाया गया था और धनक ने अपनी बेटी को सफेद कपड़े पहनाए थे, उसके सिर पर दुपट्टा रखा था और रेफ्रिजरेटर में तकिये रखे थे. चौधरी ने बताया कि धनक ने बच्ची के होंठों पर तुलसी के पत्ते भी रखे थे.
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वह आखिरी बार उसका जन्मदिन मनाना चाहता था. उसने कमरे में मूर्तियों की पूजा भी की थी, जिसे गुब्बारों और मोमबत्तियों से सजाया गया था. उसने कमरे और फ्रिज में चॉकलेट भी रखी थीं.’’
एक कागज पर लिखा था- हैप्पी बर्थडे हिमांशी
चौधरी ने बताया कि बच्ची का जन्मदिन नहीं था, फिर भी रेफ्रिजरेटर पर एक कागज रखा हुआ था जिस पर ‘हैप्पी बर्थडे हिमांशी’ लिखा था. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है और आगे की जांच की जा रही है.



















