पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार (23 सितंबर) को संजय आजाद और उनकी बेटी निशु आजाद पर FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है. हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और सांप्रदायिक नफरत फैलाने का आरोप में संजय आजाद और उनकी नाबालिग बेटी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली अर्जी दाखिल की गई है.
कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए दिल्ली पुलिस से Action Taken Report मांगी है. एडवोकेट अमिता सचदेवा ने पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी दाखिल कर FIR दर्ज करने की मांग की है.
अर्जी में FIR दर्ज करने के निर्देश देने की मांग
अदालत में दाखिल अर्जी में सचदेवा ने दिल्ली पुलिस को सेक्शन 196 (दुश्मनी बढ़ाना), 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) और 353 (किसी सरकारी कर्मचारी को उसके ऑफिशियल काम करने से रोकने के लिए हमला या क्रिमिनल फोर्स का इस्तेमाल) के तहत FIR दर्ज करने के निर्देश देने की मांग की है.
दिल्ली पुलिस से कोई जवाब नहीं मिलने पर अर्जी दाखिल
इस याचिका में कहा गया है कि पिता-बेटी की जोड़ी के खिलाफ FIR दर्ज करने की उनकी शिकायत पर दिल्ली पुलिस से कोई जवाब नहीं मिलने के बाद उन्हें कोर्ट में यह अर्जी दाखिल करने के लिए मजबूर होना पड़ा.
धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि निशु आजाद11 के एक्स अकाउंट से भगवान शिव, भगवान श्री कृष्ण, मां सरस्वती और मां दुर्गा से संबंधित कई पोस्ट शेयर किए गए थे. इसमें आरोप लगाया गया है कि पोस्ट में देवताओं का अपमान किया गया, हिंदू देवताओं को ‘काल्पनिक’ बताया गया और हिंदू धार्मिक ग्रंथों को हटाने की अपील की गई.
याचिका में साल 2023 से लेकर 2026 तक कथित तौर से चार पोस्ट का जिक्र है. अर्जी में वकील अमिता सचदेवा का कहना है इन पोस्ट के जरिए उनकी और दूसरे हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं.



















