कार्यालय कलेक्टर (खनिज शाखा) जिला सूरजपुर (छ०ग०)
कलेक्टोरेट परिसर जिला सूरजपुर, छत्तीसगढ़- 497229, Email – miningsurajpur26@gmail.com
क्रमांक / 822 / खनिज / ज०सू०अ० / 2025-26
सूरजपुर, दिनांक 07 / 10 / 2025
प्रति,
श्री मंगलेश्वर सिंह
पिता फनेश सिंह
निवासी वार्ड नं. 04 नमदगिरी रोड मंदिरपारा सूरजपुर
जिला—सूरजपुर (छ०ग०)
पिन कोड—497229
विषय:– सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत् चाही गई जानकारी के संबंध में।
संदर्भ:– जन सूचना अधिकारी, कार्यालय कलेक्टर सूरजपुर (छ०ग०) का पत्र क्रमांक 5689/ज०सू०/245/2025 सूरजपुर दिनांक 07.10.2025 इस कार्यालय में प्राप्ति दिनांक 09.10.2025
–00–
उपरोक्त संदर्भित विषयांतर्गत आपके द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत् पत्र क्रमांक 69/नि०अ०/2025 दिनांक 19.05.2025 के तहत् ग्राम भास्करपारा वि०ख० भैयाथान के अंतर्गत प्रकाश इण्डस्ट्रीज (खदान) के संबंध में माननीय संसद सदस्य सरगुजा लोकसभा श्री चिन्तामणि महाराज द्वारा चाही गयी समस्त जांच की छायाप्रति चाही गई है।
चाही गई वांछित जानकारी की सत्यप्रतिलिपि संलग्न प्रेषित है।
(हस्ताक्षर)
जन सूचना अधिकारी
खनिज शाखा
जिला सूरजपुर (छ०ग०)
पृ०क्रमांक / 823 / खनिज / ज०सू०अ० / 2025-26
सूरजपुर, दिनांक 07 / 10 / 2025
प्रतिलिपि :–
जन सूचना अधिकारी, कार्यालय कलेक्टर सूरजपुर (छ०ग०) का पत्र क्रमांक 5689/ज०सू०/245/2025 सूरजपुर दिनांक 07.10.2025 के संदर्भ में सूचनार्थ।
(हस्ताक्षर)
जनसूचना अधिकारी
(खनिज शाखा)
जिला सूरजपुर (छ०ग०)
[पृष्ठ 2]
(सील/आवक-जावक क्रमांक stamp: पत्र क्र… दिनांक 18 JUL 2025)
कार्यालय कलेक्टर, सूरजपुर, जिला-सूरजपुर (छ.ग.)
क्रमांक / 149 /अ.कले./2025
सूरजपुर, दिनांक- 18/07/2025
प्रति,
कलेक्टर
सूरजपुर (छ.ग.)
विषय:– प्रकाश इंडस्ट्रीज (खदान) भास्करपारा से प्रभावित क्षेत्रों एवं खदान की जानकारी प्रदान करने के संबंध में।
संदर्भ:– कार्यालय कलेक्टर (खनिज शाखा) जिला सूरजपुर (छत्तीसगढ़) का आदेश क्रमांक-505/खनिज/2025, सूरजपुर दिनांक-17.06.2025
–00–
माननीय श्री चिन्तामणि महाराज, संसद सदस्य (लोकसभा), सरगुजा (छ.ग.) का पत्र क्रमांक-69/नि.अ./2025 के तहत् ग्राम भास्करपारा, विकासखण्ड भैयाथान में स्थित प्रकाश इंडस्ट्रीज (खदान) के संबंध में बिन्दुवार जानकारी चाही गई है, जिसमें संदर्भित आदेश के माध्यम से समिति का गठन करते हुए कार्यवाही कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है।
- मूल शिकायत/आवेदन की कंडिका-1 में उल्लेखित कुल 08 ग्राम पंचायतों की भूमि प्रकाश इंडस्ट्रीज (खदान) भास्करपारा के द्वारा अधिगृहीत की गई है एवं वर्तमान में भी की जा रही है, के संबंध में प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा अपने पत्र क्रमांक-पी.आई.एल. /भा.को.मां./जान/सं.स.(लो.स.)/2025-26/195, दिनांक-03.07.2025 के माध्यम से विभिन्न सहपत्रों सहित उपलब्ध करायी गई जानकारी एतद्द्वारा प्रदर्श पी-1 के रूप में पृष्ठ क्रमांक-1 से 94 तक संलग्न है।
- कंडिका 02 में उल्लेखित एवं चाही गई जानकारी काफी विस्तृत है एवं समय-समय पर शासनादेश द्वारा किये गये आबंटन एवं व्यवस्थापन से संबंधित है तथा फील्ड में बेजा कब्जा की भूमि की भी जानकारी चाही गई है जो फील्ड एवं आबंटियों/भूमिस्वामियों से पूछताछ एवं सुनवाई का अवसर दिये जाने के उपरांत दी जा सकेगी फिर भी उक्त ग्राम पंचायतों की प्रभावित भूमि के संबंध में इस जांच प्रतिवेदन में आगे उल्लेख किया गया है।
- आवेदन की कंडिका 03 में वर्णित यह कि शासकीय भूमि में काबिज एवं कितने दिनो तक व जो वर्तमान में काबिज हैं उनको भूमि पट्टा के लिए किस प्रकार से राहत प्रदान किया जा सकता है, के संबंध में यह कि वर्तमान में कब्जा के आधार पर किसी अतिक्रामक को पट्टा दिये जाने का कोई प्रावधान नहीं है।
- आवेदन की कंडिका 04, 05 एवं 06 में वर्णित तथ्य के संबंध में यह कि प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा अपने पत्र क्रमांक-पी.आई.एल./भा.को.मां./जान/सं.स. (लो.स.)/2025-26/195, दिनांक-03.07.2025 में संलग्न सहपत्र में जानकारी प्रदान की गई है।
- आवेदन की कंडिका 07 में वर्णित तथ्य के संबंध में यह कि प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड के द्वारा अपने पत्र क्रमांक-पी.आई.एल./भा.को.मां./जान/सं.स.(लो.स.)/2025-26/195, दिनांक-03.07.2025 में संलग्न किये गये सहपत्र अनुसार कार्यालय वनमण्डलाधिकारी,
सत्यापित प्रति
जिला कार्यालय (खनिज शाखा)
जिला-सूरजपुर (छ.ग.)
(हस्ताक्षर/सील)
डिप्टी कलेक्टर / सहायक खान अधिकारी / अपर कलेक्टर, सूरजपुर (छ.ग.)
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सूरजपुर वनमण्डल सूरजपुर (छ.ग.) के पत्र क्रमांक-मा.चि./216 सूरजपुर, दिनांक-09.01.2025 के द्वारा ग्राम केवरा स्थित भूमि खसरा नम्बर 444, 445, 446 रकबा 22.813 हे. में कुल 409 वृक्षों के विदोहन एवं परिवहन की अनुमति शर्तों के आधार पर दी गई है।
परन्तु इसके अतिरिक्त प्रभावित 08 ग्राम पंचायत बड़सरा, बस्करपारा, कुर्रीडीह, खाड़ापारा, दनौलीखुर्द, केवरा, कुस्मुसी, कुदरीपारा (धरसेड़ी) में से ग्राम दनौलीखुर्द, खाड़ापारा, केवरा, बस्करपारा, बड़सरा, कुर्रीडीह के प्रभावित खसरों/भूमिस्वामियों का चालू अभिलेख, नवीन बंदोबस्त/री-सेटलमेंट के उपरांत निर्मित किये गये नगरीय तथा नगरेतर क्षेत्रों के लिए अधिकार अभिलेख वर्ष 1988 से 1996 जो जिला अभिलेख कोष्ठ सूरजपुर में उपलब्ध एवं तहसील कार्यालय के कानूनगो शाखा में उपलब्ध अभिलेख तथा अधिकार अभिलेख वर्ष 1954-55 जो जिला अभिलेख कोष्ठ सूरजपुर में उपलब्ध एवं तहसील कार्यालय के कानूनगो शाखा में उपलब्ध अधिकार अभिलेख का मिलान करने के उपरांत निम्नलिखित वस्तुस्थिति पायी गई:-
(क) ग्राम दनौलीखुर्द के खसरों की जांच की गई। जांच के दौरान तैयार की गई सूची प्रदर्श पी-2 है।
(ख) ग्राम खाड़ापारा के खसरों की जांच की गई। जांच के दौरान तैयार की गई सूची प्रदर्श पी-3 है।
(ग) ग्राम केवरा के खसरों की जांच की गई। जांच के दौरान तैयार की गई सूची प्रदर्श पी-4 है।
(घ) ग्राम बड़सरा के खसरों की जांच की गई। जांच के दौरान तैयार की गई सूची प्रदर्श पी-5 है।
(ङ) ग्राम कुर्रीडीह के खसरों की जांच की गई। जांच के दौरान तैयार की गई सूची प्रदर्श पी-6 है।
(च) ग्राम बस्करपारा के खसरों की जांच की गई। जांच के दौरान तैयार की गई सूची प्रदर्श पी-7 है।
प्रदर्श- पी-2 से पी-7 तक में उल्लेखित खसरों के संबंध में विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि यथा- ग्राम दनौलीखुर्द के खसरा 428/1, 428/2, 428/4, 428/5, 440/1, 440/2, 440/3 रकबा क्रमशः 5.09, 3.20, 2.00, 5.08, 5.08, 1.89, 5.08, 5.08 (हे.) जो मूल रूप से “पहाड़ चट्टान” मद् की भूमि है जो वर्तमान अभिलेख में क्रमशः अखिलेश प्रताप सिंह पिता अवधेश्वरी प्रताप सिंह, प्रभा देवी सिंह पिता अवधेश्वरी प्रताप सिंह, विधात्री देवी पति अखिलेश प्रताप सिंह, योगेश प्रताप सिंह, प्रभा देवी सिंह, संगीता सिंह, मुक्ता सिंह के नाम पर दर्ज है जो एक ही परिवार के सदस्य के नाम पर भूमिस्वामी हक में दर्ज पाया गया। उक्त खसरे का जिला अभिलेखागार सूरजपुर व हल्का पटवारी के पास उपलब्ध नवीन बंदोबस्त/री-सेटलमेंट के उपरांत निर्मित किये गये नगरीय तथा नगरेतर क्षेत्रों के लिए अधिकार अभिलेख वर्ष 1988 से 1996 में “पहाड़ चट्टान” मद् में ही दर्ज है परन्तु जिले में उपलब्ध अधिकार अभिलेख वर्ष 1954-55 में पुराना खसरा नम्बर 566/709 रकबा 40.20 एकड़ शासकीय मद् में दर्ज है एवं उसी अधिकार अभिलेख वर्ष 1954-55 में सरल क्रमांक-42 में लक्ष्मण वल्द भुवन, जाति पनिका सा. देह भूमिधारी के नाम पर खसरा नम्बर 566/709 रकबा 40.20 एकड़ भूमि दर्ज किया गया है। उक्त प्रविष्टि अधिकार अभिलेख में अतिरिक्त पृष्ठ (लेमिनेटेड) जोड़ा गया, जो प्रथम दृष्टया पन्ना अलग रंग व अलग लिखावट
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जिला कार्यालय (खनिज शाखा)
जिला-सूरजपुर (छ.ग.)
(हस्ताक्षर/सील)
डिप्टी कलेक्टर / सहायक खान अधिकारी / अपर कलेक्टर
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होना दृष्टिगत है। यहां विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि अधिकार अभिलेख में जोड़े गये अतिरिक्त पन्ने में सरल क्रमांक-44 एवं मूल अधिकार अभिलेख के सरल क्रमांक-44 दोहराया गया है जिससे यह स्पष्ट होता है कि अधिकार अभिलेख में एक पन्ने को अतिरिक्त जोड़कर अवैध प्रविष्टि कराना पाया गया।
तहसील कार्यालय के कानूनगो शाखा में उपलब्ध ग्राम दनौलीखुर्द के अधिकार अभिलेख वर्ष 1954-55 के सरल क्रमांक-06 में पुराना खसरा नम्बर 566/709 रकबा 40.20 एकड़ भूमि अवधेश्वरी प्रताप सिंह देव आ. इन्द्रप्रताप सिंह देव साकिन भैयाथान, भूमिस्वामी के नाम पर दर्ज है। उक्त अधिकार अभिलेख में जिस पन्ने पर संबंधित खातेदार अवधेश्वरी प्रताप सिंह देव का नाम दर्ज है, उस पन्ने में उल्लेखित मौजे का नाम “दनौलीखुर्द” के लिखावट में अधिकार अभिलेख के शेष लिखावट “दनौलीखुर्द” से भिन्नता परिलक्षित है तथा उक्त पन्ने के बाद के सभी सरल क्रमांक में ऊपरी लेखन किया गया है, जिससे यह प्रतीत होता है कि उक्त पन्ने को परिवर्तित कर दिया गया है।
उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में यह स्पष्ट होता है कि पहाड-चट्टान मद् की भूमि को मनमाने तरीके से जिला अभिलेखागार एवं तहसील अभिलेखागर में उपलब्ध अभिलेखों में शासकीय कर्मचारियों के साथ अवैध साढ़-गांठ करते हुए मनमानी पूर्ण तरीके से असम्यक् प्रविष्टि करा ली गई जो उच्च स्तरीय जांच योग्य है। इसके अतिरिक्त संबंधितों के विरूद्ध भी जिम्मेदारी तय किया जाना भी उचित प्रतीत होता है। उक्त असम्यक प्रविष्टि से लाभान्वित होने वाले वर्तमान भूमिस्वामियों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराया जाना उचित प्रतीत होता है। यहां ध्यातव्य यह है कि उक्त असम्यक प्रविष्टि के आधार पर किसी भी राजस्व अधिकारी द्वारा वर्तमान भूमिस्वामियों के पक्ष में त्रुटि सुधार के माध्यम से पहाड-चट्टान मद् की भूमि को खाते में परिवर्तित किया जाना भी जांच के दायरे में लिया जाना चाहिए और अभिलेखागार के शासकीय कर्मचारी, वर्तमान भूमिस्वामी एवं संबंधित राजस्व अधिकारी के Nexus का भी गहन पड़ताल किया जाकर जिम्मेवारी तय करते हुए कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जानी चाहिए।
यहां विशेष रूप से उल्लेखनीय यह भी है कि ऐसी असम्यक एवं अवैध प्रविष्टि के आधार पर वर्तमान भूमिस्वामियों के नाम से भूमि अधिग्रहण करके मुआवजा वितरित किया जाना भी जांच के दायरे में लिया जाना चाहिए। ऐसी ही असम्यक एवं विसंगतिपूर्ण प्रविष्टि पी-2 से पी-7 में उल्लेखित गैर खाते की भूमि अर्थात् छोटे झाड़ जंगल मद् की भूमि को भी नगरीय तथा नगरेतर क्षेत्रों के लिए अधिकार अभिलेख वर्ष 1988 से 1996 के उपरांत तैयार किये गये राजस्व अभिलेखों में विशेषकर ग्राम केवरा के जिला अभिलेखागर व पटवारी के पास उपलब्ध अभिलेख में अवैध एवं असम्यक प्रविष्टि की जाकर बाद के वर्षों में खातेदारों के नाम पर खसरा कायम किया गया है, जिसके लिए अभिलेखागर के कर्मचारियों एवं संबंधित राजस्व अधिकारियों, जिनके द्वारा ऐसी प्रविष्टि के आधार पर त्रुटि सुधार का अवलंब लेकर खाता कायम करके अवैध रूप से मुआवजा दिलाया जाना भी जांच के दायरे में लिया जाना चाहिए।
इसी क्रम में जिला अभिलेखागार में उपलब्ध अधिकार अभिलेख वर्ष 1954-55 एवं तहसील कार्यालय के कानूनगो शाखा में उपलब्ध अधिकार अभिलेख वर्ष 1954-55 की जांच करते समय पाया गया कि अधिग्रहित क्षेत्रों से बाहर की भूमि जो शासकीय मद् में दर्ज
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जिला कार्यालय (खनिज शाखा)
जिला-सूरजपुर (छ.ग.)
(हस्ताक्षर/सील)
सहायक खान अधिकारी, जिला-सूरजपुर (छ.ग.)
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थी, को कूटरचना करते हुए अधिकार अभिलेख में खाते में दर्ज किया गया है, जिसकी सूची निम्नानुसार है:–
| क्र. | ग्राम का नाम | अधिकार अभिलेख वर्ष 1954-55 में दर्ज खाता क्रमांक | भू-स्वामी का नाम | खसरा नम्बर | रकबा |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | केवरा | 126 | लक्ष्मण पिता भूखल पनिका | 1058/4 | 32.72 एकड़ |
| 2 | केवरा | 191 | कबीर पिता इमामन, मुसलमान | 1058/5 | 28.825 एकड़ |
| 3 | केवरा | 192 | धर्मराज पिता जीधन, कोईर | 1058/17 | 26.05 एकड़ |
| 4 | केवरा | 193 | रामधनी पिता विशिष्ट धर दुबे, ब्राह्मण | 1058/20 | 6.975 एकड़ |
| 5 | केवरा | 194 | जुगेश्वर पिता लक्ष्मण, पनिका | 1058/19 | 22.175 एकड़ |
| 6 | केवरा | 195 | मोहरसाय पिता पूरन, पनिका | 1058/18 | 36.250 एकड़ |
| 7 | केवरा | 196 | जैबून पिता लाल मोहम्मद, मुसलमान | 1058/21 | 3.825 एकड़ |
| 8 | बस्करपारा | 15 | असगर पिता इमामन, मुसलमान | 1/35 | 11.500 एकड़ |
| 9 | बस्करपारा | 16 | लक्ष्मण पिता भुपन, पनिका | 1/42 | 15.436 एकड़ |
| 1/43 | 15.436 एकड़ | ||||
| 10 | बस्करपारा | 12 | धर्मराज पिता जीवधन, कोईर | 1/53 | 11.200 एकड़ |
| 11 | बस्करपारा | 21 | जुगेश्वर पिता लक्ष्मण, पनिका | 1/51 | 11.600 एकड़ |
| 12 | बस्करपारा | 22 | महावीर वल्द बिहारी, कोईर | 1/52 | 10.125 एकड़ |
| 13 | बस्करपारा | 24 | तेजाराम वल्द तीलसाय, रजवार | 346 | 23.67 एकड़ |
| 14 | बस्करपारा | 29 | कालिका प्रताप सिंह पिता सूर्य प्रताप सिंह, क्षत्रिय | 1/1 | 51.95 एकड़ |
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जिला कार्यालय (खनिज शाखा)
जिला-सूरजपुर (छ.ग.)
(हस्ताक्षर/सील)
डिप्टी कलेक्टर / सहायक खान अधिकारी / अपर कलेक्टर, सूरजपुर (छ.ग.)
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जिला अभिलेखागार में उपलब्ध अधिकार अभिलेख वर्ष 1954-55 में किये गये उपरोक्त संदिग्ध व अवैध प्रविष्टियों के आधार पर आवेदक अनिल कुमार कुशवाहा आ. स्व. धर्मराज, निवासी ग्राम कुसमुसी, तहसील भैयाथान, जिला-सूरजपुर (छ.ग.) व अन्य 03 के द्वारा न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (रा.) भैयाथान के समक्ष आवेदन पत्र अंतर्गत धारा 115, 116 छ.ग. भू-राजस्व संहिता बंदोबस्त त्रुटि सुधार बावत् आवेदन पेश किया गया है, जिस पर अनुविभागीय अधिकारी (रा.) भैयाथान के द्वारा रा.प्र.क्र. 202506260400114/अ-6अ/2024-25, पक्षकार अनिल कुमार कुशवाहा वगैरह प्रति छ.ग. शासन, ग्राम केवरा प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। इसी प्रकार प्रियम कुमार दास आ. मनोज, निवासी ग्राम केवरा, तहसील भैयाथान, जिला-सूरजपुर (छ.ग.) व अन्य 01 के द्वारा आवेदन पत्र अंतर्गत धारा 115, 116 छ.ग. भू-राजस्व संहिता बंदोबस्त त्रुटि सुधार बावत् आवेदन अनुविभागीय अधिकारी (रा.) भैयाथान के समक्ष पेश किया गया, जिसमें रा.प्र.क्र. 202507260400032/अ-6अ, पक्षकार प्रियम कुमार दास व अन्य 01 प्रति छ.ग. शासन, साकिन केवरा पंजीबद्ध किया गया है जो वर्तमान में लंबित है। इससे भी प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट होता है कि इन व्यक्तियों द्वारा रिकॉर्ड रूम में कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाकर एवं उसकी नकल प्राप्त करके अवैध गांठ-गांठ करते हुए वर्तमान राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कराने की मंशा से प्रेरित होकर बेजा लाभ लिये जाने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। इन लोगों के Nexus की भी पड़ताल करके दण्डात्मक कार्यवाही किया जाना उचित होगा।
प्रदर्श पी-2 से पी-7 में अंकित सूची में दर्शाये गये खातेदारों के द्वारा नवीन बंदोबस्त पश्चात् राजस्व अभिलेखों में अपना नाम दर्ज कराया गया है जो प्रथम दृष्टया संदिग्ध एवं कूटरचित साथ ही साथ मुआवजा हेतु अपात्र भूमिधारी प्रतीत होता है क्योंकि उपरोक्त भूमि मूल रूप से “पहाड़ चट्टान” एवं “छोटे झाड़ जंगल मद्” की भूमि है, जिसका नवीन बंदोबस्त वर्ष 1988 से 1996 तक के अवधि में तैयार किये गये नगरीय तथा नगरेतर क्षेत्रों के लिए अधिकार अभिलेख के बाद की अवधि के उपरांत ऐसे दोनों मद अर्थात् “पहाड़ चट्टान” एवं “छोटे झाड़ जंगल मद” की भूमि का आबंटन या व्यवस्थापन संबंधी कोई शासनादेश जारी नहीं किया गया है। प्रदर्श पी-2 से पी-7 में दर्शाये गये सूची के अनुसार उक्त मद की गैर खाता की भूमि को 3 एकड़ से 52 एकड़ तक खसरा कायम करते हुए विभिन्न व्यक्तियों के नाम से दर्ज किया गया है जो राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड 4 क्रमांक-3 के प्रावधान के विपरीत प्रतीत होता है। अतः शासकीय भू-अभिलेखों में कूटरचित एवं असम्यक, अवैध प्रविष्टि के आधार पर बोगस भूमिस्वामी बनकर मुआवजा हड़पने जैसा कृत्य किया गया है और आगे करने की मंशा से प्रेरित प्रतीत होता है। अतः संबंधितों के विरुद्ध उच्चस्तरीय जांच किया जाकर प्राथमिक दर्ज कराया जाना भी उचित प्रतीत होता है।
अतः उपरोक्तानुसार प्रतिवेदन श्रीमान् की ओर सादर प्रेषित है।
संलग्न:–
उपरोक्तानुसार सहपत्र।
(हस्ताक्षर)
(श्रीमती चांदनी कंवर)
डिप्टी कलेक्टर सह प्रभारी अधिकारी (खनिज शाखा) सूरजपुर
(हस्ताक्षर)
(श्री जगन्नाथ वर्मा)
अपर कलेक्टर, जिला सूरजपुर
(हस्ताक्षर)
सहायक खान अधिकारी
सूरजपुर
0000000000000000000000000000000000000000000000000000000000000000000
(कोर्ट फीस टिकट / सील: मुख्य प्रतिलिपिकार, सूरजपुर (छ.ग.))
न्यायालय कलेक्टर जिला-सूरजपुर (छ.ग.)
क्र./ 31 / वाचक / 2025
सूरजपुर, दिनांक 17/01/2025
रा.प्र.क्र. 202412260100113/अ-67/2024-25
:: आदेश ::
आवेदक प्रकाश इण्डस्ट्रीज लिमिटेड, बिलासपुर द्वारा अपने पत्र दिनांक 22.11.2024 के माध्यम से भारत सरकार, कोयला मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा ई-ऑक्शन पद्धति से आबंटित भास्करपारा कोयला खनन परियोजना अन्तर्गत प्रभावित ग्राम-दनौलीखुर्द, प.ह.नं. 03, तहसील-भैयाथान जिला-सूरजपुर की कुल 62.621 हे. निजी भूमि में से माईनिंग लीज अन्तर्गत प्रथम चरण में सतही अधिकार हेतु प्रस्तावित भूमि रकबा 41.444 हे. में कोयला उत्खनन हेतु छ.ग. भू राजस्व संहिता, 1959 (अत्र पश्चात संहिता) की धारा 247(4) के तहत सतही अधिकार एवं संहिता की धारा 247(5) के तहत भू प्रवेश की अनुमति चाही गई है।
आवेदक संस्थान के आवेदन पर जांच पश्चात अनुविभागीय अधिकारी (रा.) भैयाथान द्वारा अपने प्रतिवेदन दिनांक 15.1.2025 के माध्यम से प्रतिवेदित किया गया है कि प्रकरण में उद्घोषणा जारी किया गया है तथा दैनिक समाचार पत्र में ईश्तहार का प्रकाशन पश्चात आपत्तियों के निराकरण उपरांत दिनांक 08.01.2025 के माध्यम से पारित अवार्ड अनुसार ग्राम-दनौलीखुर्द स्थित निजी भूमि कुल रकबा 39.841 हे. एवं उस पर स्थित परिसम्पत्तियों का भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुर्नव्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के तहत रुपये 22,84,90,820.00 रुपये का अवार्ड पारित किया गया है तथा पारित अवार्ड अनुसार 20 खाताधारकों को अवार्ड अनुसार राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष खाताधारकों को भुगतान करने की कार्यवाही संचालित होने के आधार पर ग्राम-दनौलीखुर्द, तहसील-भैयाथान स्थित भूमि कुल खसरा नंबर 76 कुल रकबा 39.841 हे. निजी भूमि पर संहिता की धारा 247 (4) (5) के तहत सतही अधिकार एवं आवेदक संस्थान को उपरोक्त भूमि पर भू प्रवेश करने की अनुमति प्रदान करने की अनुशंसा किया गया है।
आवेदक संस्थान के द्वारा राजस्व वन भूमि के संबंध में भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अनापत्ति पत्र क्र. FNo. 8-09/2023-FC दिनांक 11.7.2024 द्वारा प्राप्त कर ली गई है।
अतः आवेदक संस्था को ग्राम-दनौलीखुर्द, तहसील-भैयाथान स्थित पारित अवार्ड अनुसार भूमि कुल खसरा संख्या 76 कुल रकबा 39.841 हे. पर छ.ग. भू राजस्व संहिता, 1959 की धारा 247 (4) एवं (5) के तहत निम्नलिखित शर्तों के अधीन आबंटन की स्वीकृति एवं भू प्रवेश की अनुमति प्रदान की जाती है-
- भूमि का उपयोग स्वीकृति प्रयोजन के अतिरिक्त अन्य कार्यों के लिए नहीं होगा अन्यथा अनाधिकृत कब्जेदार मानकर भूमि शासन में निहित कर ली जावेगी या भूमि का पूर्ण बाजार मूल्य देय पेनल्टी आदि के साथ लिया जायेगा।
- भूमि या उसके किसी भाग या उस पर बने किसी भी भवन आदि का उपयोग स्वीकृति प्रयोजन के अलावा न तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जायेगा और न ही विक्रय किया जावेगा या किसी अन्य प्रकार से किसी अन्य को उपयोग करने के लिये दिया / उपलब्ध कराया जावेगा।
- यदि किसी भी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिए नहीं होगा या बाद में बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों एवं सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और आबंटितों को उसका मुआवजा देय नहीं होगा।
(सील/हस्ताक्षर)
सत्य प्रतिलिपि
मुख्य प्रतिलिपिकार
कार्यालय सूरजपुर (छ.ग.)
[पृष्ठ 2]
- भूमि के किसी भी अन्य उपयोग या इस पर किसी भी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुज्ञा, अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित स्थानीय संस्थाओं ग्राम पंचायत तथा ग्राम निवेश आदि से लेनी होगी तथा मास्टरप्लान व पर्यावरण संरक्षण अधिनियम आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा। समस्त अनुज्ञप्तियों की प्राप्ति के उपरांत भू प्रवेश हेतु अग्रिम कार्यवाही की जावेगी।
- संस्था द्वारा यदि आबंटित लीज क्षेत्र में किसी भी सड़क का उपयोग किया जाता है तो उस स्थिति में स्थानीय आवश्यकतानुसार वैकल्पिक सड़क का निर्माण, लोक निर्माण विभाग के मापदण्डों के अनुरुप संस्था द्वारा स्वयं के व्यय से कराया जावेगा।
- भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा प्रदत्त अनापत्तियों के शर्तों का पालन किया जावेगा।
- उपरोक्त उल्लेखित क्षेत्र में स्थित वृक्षों के विदोहन की कार्यवाही बगैर सक्षम प्राधिकारी के अनुमति के नहीं किया जावेगा।
- शासन के प्रतिनिधि, अधिकृत व्यक्ति तथा कलेक्टर या उसके अधिकृत प्रतिनिधियों के भूमि के सही उपयोग हेतु शर्तों के पालन का निरीक्षण करने के लिए कभी भी भूमि एवं उस पर निर्मित परिसर के निरीक्षण का अधिकार होगा।
- आवेदक संस्थान छ.ग. भू राजस्व संहिता, 1959 की धारा 247 (5) के पालन में प्रभावित खातेदारों को प्रतिकर निविदत्त होने के पश्चात प्रभावित खातेदारों की भूमि पर भू प्रवेश करेंगें।
(हस्ताक्षर)
(एस.जयवर्धन)
कलेक्टर
जिला-सूरजपुर (छ.ग.)
पृष्ठांकन क्रमांक / 31 / A / वाचक / 2025
सूरजपुर दिनांक 17/01/2025
प्रतिलिपि :-
- सचिव, छ.ग. शासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, नवा रायपुर, को सादर सूचनार्थ सम्प्रेषित।
- अनुविभागीय अधिकारी (रा.) भैयाथान सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर निर्देशित किया जाता है कि वे शेष खाताधारक को विधिअनुसार पारित अवार्ड अनुसार मुआवजा राशि का भुगतान करना सुनिश्चित करते हुए सूचित करें।
- खनि अधिकारी, कार्यालय कलेक्टर सूरजपुर (छ.ग.) को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु।
- तहसीलदार / नायब तहसीलदार भैयाथान को सूचनार्थ एवं उपरोक्तानुसार आवश्यक कार्यवाही हेतु।
- निदेशक (कंपनी मामले) प्रकाश इण्डस्ट्रीज लिमिटेड बिलासपुर को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु।
- उप संचालक, जनसम्पर्क को सूचनार्थ एवं दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशनार्थ प्रेषित।
(हस्ताक्षर)
कलेक्टर
जिला-सूरजपुर (छ.ग.)
(पेज के निचले भाग में नकल शाखा की नोटिंग, तिथियां व सील अंकित हैं)
सत्य प्रतिलिपि
मुख्य प्रतिलिपिकार
कार्यालय सूरजपुर (छ.ग.)


















