नई दिल्लीः कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने महिला प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में ‘पैटर्न’ बन गया है कि जो महिला सवाल पूछे, उसे चुप करा दो। गांधी ने दो महिला पत्रकारों नफीसा खान और शाहीन खान के साथ बातचीत का वीडियो ‘एक्स’ पर साझा किया और सवाल किया कि गृह मंत्री अमित शाह की पुलिस महिलाओं से क्यों डरती है?
पत्रकार शाहीन और नफ़ीसा ने सितंबर में आरोप लगाया था कि उन्हें एक कार्यक्रम की कवरेज के दौरान हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया, जहां उनके साथ मारपीट की गई। दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों से इनकार करते हुए उन्हें ”तथ्यात्मक रूप से गलत” और ‘भ्रामक’ बताया था।
राहुल गांधी ने इन पत्रकारों का उल्लेख करते हुए कहा, ”दिल्ली में इस वक़्त जो हो रहा है, उसका एक ही पैटर्न है, जो औरत सवाल पूछे, उसे चुप कराओ। उन्होंने कहा, जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोग हिरासत में लिए गए। महिला प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की। महिला पत्रकारों के कैमरे छीने गए, उन्हें घसीटा गया। एक पत्रकार की शिकायत तक दर्ज नहीं हुई।” गांधी ने कहा, ”कुछ हफ्तों पहले शाहीन और नफ़ीसा ने साकेत थाने के अंदर अपने साथ हुई हिंसा और बदसलूकी की आपबीती सुनाई है। सोचिए, थाने के अंदर वो जगह जहां महिलाएं शिकायत लेकर जाती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, जिन पर महिलाओं की रक्षा की ज़िम्मेदारी है, वही आज उनके लिए ख़तरा बन रहे हैं। और दिल्ली पुलिस किसके अधीन है, यह पूरा देश जानता है।” गांधी ने मांग की कि साकेत थाने का पूरा सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किया जाए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, ”शाहीन, नफ़ीसा और जिनके साथ भी दिल्ली पुलिस ने हिंसा और बदतमीज़ी की है, उनको न्याय मिले। कांग्रेस नेता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए सवाल किया, अमित शाह जी, आप और आपकी पुलिस महिलाओं से डरती क्यों है?



















