गुरुग्राम: एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए कई पदक जीतने में हरियाणा के खिलाड़ियों ने अहम भूमिका निभाई है। देशभर में इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना हो रही है, लेकिन अपनी राह बनाने वाले खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। गुरुग्राम के ताऊ देवी लाल स्टेडियम में राज्य-स्तरीय खिलाड़ियों को चार दिनों तक एथलेटिक्स ट्रैक और नियमित प्रशिक्षण सुविधाओं का इस्तेमाल करने का मौका नहीं मिला। इसकी वजह स्टेडियम के मैदान के बीचों-बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आधिकारिक हेलिकॉप्टर खड़ा होना था।
सिंगापुर दौरे पर थे सीएम नायब सैनी
दरअसल मुख्यमंत्री तीन दिवसीय सिंगापुर दौरे पर थे। इस दौरान उनका हेलिकॉप्टर गुरुग्राम के ताऊ देवी लाल स्टेडियम में खड़ा रहा। उनके लौटने के बाद बुधवार को हेलिकॉप्टर उन्हें वापस चंडीगढ़ ले गया जिसके बाद खिलाड़ियों को अपना ट्रैक दोबारा मिल सका। खिलाड़ियों के मुताबिक, स्टेडियम में हेलिकॉप्टर खड़ा होने के कारण प्रशिक्षण प्रभावित होने का यह पहला मामला नहीं है। उनका कहना है कि लगभग हर महीने एक या दो दिन हेलिकॉप्टर स्टेडियम में खड़ा रहता है। इससे खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास करने में परेशानी होती है।
पहले भी होता रहा है स्टेडियम का इस्तेमाल
स्टेडियम में हेलिकॉप्टर का उतरना पहले भी होता रहा है। मार्च 2020 में भी प्रशिक्षण सत्र के बीच क्रिकेट मैदान को खाली कराया गया था, क्योंकि तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का हेलिकॉप्टर वहां उतरना था। बता दें कि हेलिकॉप्टर के निर्धारित स्थान पर खड़े होने के बाद बास्केटबॉल और वॉलीबॉल कोर्ट जैसी सुविधाओं के इस्तेमाल में परेशानी नहीं होती, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत अंदरूनी सिंथेटिक मैदान और रनिंग ट्रैक को बंद कर दिया जाता है। ऐसे में खिलाड़ी इन हिस्सों में प्रवेश नहीं कर पाते और उनका नियमित प्रशिक्षण प्रभावित होता है। गुरुग्राम में राज्य सरकार या नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत कोई हेलीपैड नहीं है। हालांकि, शहर में निजी लैंडिंग सुविधाएं उपलब्ध हैं।



















