गंगथ/कांगड़ा: कांगड़ा जिले के गंगथ क्षेत्र में एक बार फिर पशुओं में लंपी बीमारी के मामले सामने आने लगे हैं, जिससे स्थानीय पशुपालकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस बार बीमारी के लक्षण बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। कई मामलों में संक्रमण के कारण पशुओं की आंखों की रोशनी तक प्रभावित होने की बात सामने आई है।
बीमारी की गंभीरता का अंदाजा रप्पड़ पंचायत के खड़ोल गांव में सामने आए एक मामले से लगाया जा सकता है। यहां एक गाय लंपी वायरस की चपेट में आने से गंभीर रूप से बीमार हो गई है। जानकारी के अनुसार बीमारी के कारण गाय के पूरे शरीर पर बड़े-बड़े फोड़े निकल आए हैं और उसकी टांगों में भारी सूजन है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि संक्रमण के कारण गाय की एक आंख की पुतली बाहर की तरफ निकल आई है और आंख का रंग सफेद पड़ गया है, जिससे वह एक आंख से देख नहीं पा रही है। पशु चिकित्सालय गंगथ की टीम लगातार इस गाय का उपचार कर रही है, लेकिन उसकी स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है। पशु की इस हालत को देखकर इलाके के अन्य पशुपालक भी अपने मवेशियों को लेकर चिंता में हैं।
हालांकि, पशुपालन विभाग ने लोगों से न घबराने की अपील की है। गंगथ पशु अस्पताल की डॉ. तन्नू डोगरा और फार्मासिस्ट राजीव शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि गंगथ अस्पताल के अंतर्गत आने वाली 14 डिस्पैंसरियों के क्षेत्र में लंपी बीमारी के करीब 60 से 70 मामले सामने आए थे। विभाग द्वारा सभी संक्रमित पशुओं का त्वरित उपचार किया गया है। डॉ. डोगरा ने स्पष्ट किया कि उपचार के बाद अब स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और बीमारी के फैलने की रफ्तार थमी है, इसलिए पशुपालकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
बीमारी की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से विशेष सावधानियां बरतने की अपील की है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि पशुशाला और उसके आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। मक्खी, मच्छर और किलनी से बचाव के लिए उचित प्रबंध करें, क्योंकि ये वायरस फैलाते हैं। यदि किसी पशु में लंपी बीमारी के लक्षण दिखें, तो उसे तुरंत अन्य स्वस्थ पशुओं से अलग कर दें और नजदीकी पशु चिकित्सालय को सूचित करें।



















