H5N1 Virus in Humans: अमेरिका के वॉशिंगटन में संक्रमित गायों के संपर्क में आने से एक व्यक्ति को बर्ड फ्लू से संक्रमित पाया गया है। उसकी हालत स्थिर है। आम लोगों के लिए जोखिम कम बताया गया है, लेकिन संक्रमित जानवरों से दूरी और कच्चे दूध के सेवन को लेकर लोगों को अलर्ट किया गया है।
बर्ड फ्लू मुख्यरूप से पक्षियों में फैलने वाला एक संक्रामक वायरल संक्रमण है, जो एच5एन1 वायरस के कारण होता है। यह कभी-कभी संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से मनुष्यों में भी फैल सकता है। पर क्या आप जानते हैं कि ये संक्रमण कुछ स्थितियों में पक्षियों से नहीं बल्कि दूसरे जानवरों से भी इंसानों को संक्रमित कर सकता है?
अमेरिका में बर्ड फ्लू को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। वॉशिंगटन के याकिमा काउंटी में एक व्यक्ति को एच5एन1 वायरस से संक्रमित पाया गया है। खास बात यह है कि ये संक्रमण किसी पक्षी या मुर्गियों के कारण नहीं बल्कि संक्रमित गाय के संपर्क में आने से हुआ है।
वैसे ये गाय से इंसानों में बर्ड फ्लू संक्रमण का कोई नया मामला नहीं है। सबसे पहले अप्रैल 2024 में टेक्सास में डेयरी मवेशियों से इंसानों में एवियन इन्फ्लूएंजा फैलने का पहला पुष्ट मामला सामने आया था। लेकिन इस मामले ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बर्ड फ्लू से बचाव के लिए गायों से भी दूरी बनाकर रखने की जरूरत है? क्या दूध पीने से संक्रमण का खतरा है और क्या यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान तक पहुंच सकता है? आइए इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
गायों से इंसान में बर्ड फ्लू का मामला
अमेरिका के वॉशिंगटन में गायों से इंसान में बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद से सभी लोगों को अलर्ट किया गया है। वॉशिंगटन स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ ने इस मामले की जानकारी दी है।
- स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, संक्रमित व्यक्ति की हालत स्थिर है। उसे अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत भी नहीं पड़ी और फिलहाल उसे घर पर ही आइसोलेशन में रखा गया है, ताकि दूसरे लोगों में संक्रमण फैलने की आशंका को कम किया जा सके।
याकिमा हेल्थ डिस्ट्रिक्ट के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डेव एटेबरी ने कहा, हम इस व्यक्ति के संपर्क में आए करीबी लोगों को ट्रैक करने और उन पर नजर रखने के लिए दूसरी टीमों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि संक्रमित लोगों को बचाव और लक्षणों के बारे में जानकारी हो ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें जांच और इलाज की सुविधा मिल सके।



















