आरएस पुरा : आरएस पुरा में दशहरा पर्व को लेकर तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही हैं। इस बार क्षेत्र में दो स्थानों पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिवनगर पराना पिंड में भी रावण दहन को लेकर पुतले बनाने का काम तेजी से जारी है। यहां की खास बात यह है कि रावण के पुतले तैयार करने वाले कारीगर मुस्लिम समुदाय से संबंध रखते हैं, जो मेरठ से जम्मू-कश्मीर पहुंचे हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए कारीगरों ने बताया कि मेरठ से करीब 45 कारीगर जम्मू-कश्मीर आए हैं, जो विभिन्न स्थानों पर रावण के पुतले बनाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जम्मू में पुतले तैयार करने के बाद कुछ कारीगर लद्दाख भी पहुंचे हैं। कारीगरों ने कहा कि वे मुस्लिम समुदाय से हैं, लेकिन उनके लिए यह काम आपसी भाईचारे, प्रेम और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देने का एक माध्यम है।
उन्होंने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और यह पर्व समाज को सच्चाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में दशहरा उत्सव में शामिल हों और रावण दहन के कार्यक्रम का हिस्सा बनें।
वहीं, पराना पिंड दशहरा कमेटी के सदस्य विक्रम चौधरी ने बताया कि इस बार यहां 85 फुट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे 20 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे आयोजित होने वाले रावण दहन कार्यक्रम में पहुंचकर उत्सव की शोभा बढ़ाएं।
मेरठ से आए मुस्लिम कारीगरों द्वारा रावण के पुतले तैयार करना इस बात का संदेश है कि त्योहार और परंपराएं किसी एक धर्म तक सीमित नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, एकता और भाईचारे को मजबूत करने का अवसर हैं।



















