मध्यप्रदेश के छतरपुर शहर की अमलतास कॉलोनी में 17 अगस्त को हुई 25 वर्षीय मालती प्रजापति की हत्या का मामला 60 दिनों के बाद भी उलझा हुआ है। मामले में अब तक न तो पुलिस ने किसी आरोपी की गिरफ्तारी का खुलासा किया है और न ही वारदात की गुत्थी सुलझ पाई है। मामले को पेचीदा बनाने वाले कई पहलू सामने है। एक ओर मालती के मायके पक्ष ने उसके पति सुमन प्रजापति पर हत्या का आरोप लगाया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। दूसरी ओर पति भी दो बार पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर मामले की जांच कराने की मांग कर चुका है। पुलिस फिलहाल पति को न तो क्लीन चिट दे रही है और न ही उसे आरोपी मान रही है। थाना प्रभारी के मुताबिक, मामले में कुछ संदिग्धों के साक्ष्य जुटाए जा रहे है और टेक्निकल एविडेंस के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
यह है पूरा मामला
सिविल लाइन थाना क्षेत्र की अमलतास कॉलोनी में 17 अगस्त की दोपहर 2-3 बजे मालती प्रजापति घर में अकेली थी। अज्ञात हमलावर घर में घुसा और 7 मिनट के अंदर मालती पर हमला कर दिया। हमले में कुछ मिनटों बाद ही मालती की मौत हो गई। घटना के समय उसका 7 साल का बेटा बाहर साइकिल चला रहा था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की। लेकिन दो महीने बाद भी मामले का खुलासा नहीं हो सका है।
पति पर आरोप, पुलिस ने की थी पूछताछ
मामले में मालती के मायके पक्ष ने उसके पति सुमन प्रजापति पर हत्या का आरोप लगाया था। उनका कहना है कि मेरा दामाद ही कातिल है। इसके बाद सिविल लाइन पुलिस ने सुमन को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। हालांकि, पुलिस ने उसे हत्या का आरोपी घोषित नहीं किया है। सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष श्रोत्रिय का कहना है कि पति की भूमिका की जांच अभी जारी है। फिलहाल उसे न तो क्लीन चिट दी जा सकती है और न ही आरोपी माना जा सकता है। अंतिम निष्कर्ष जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।
पति भी एसपी से कर चुका है जांच की मांग
इस मामले का एक पेचीदा पहलू यह है कि जिस पति पर हत्या का आरोप था, वही एसपी को आवेदन देकर मामले की जांच की मांग कर चुका है। इससे केस की जांच संवेदनशील हो गई है। हालांकि, पति की ओर से आवेदन दिए जाने को उसकी बेगुनाही का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसी तरह मायके पक्ष के आरोप मात्र से उसे दोषी भी नहीं ठहराया जा सकता। पुलिस के सामने चुनौती है कि वह सभी पक्षों के आरोपों, बयानों और साक्ष्यों की जांच कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़े।
संदिग्धों के टेक्निकल एविडेंस जुटा रहे हैं…
आशुतोष श्रोत्रिय, थाना प्रभारी सिविल लाइन का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। कुछ संदिग्ध सामने हैं, जिनसे जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस अभी जांच के सभी पहलुओं को सार्वजनिक करने की स्थिति में नहीं है। तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही मामले में स्पष्ट स्थिति सामने आ सकेगी। पति की भूमिका की जांच अभी भी चल रही है। फिलहाल उसे क्लीन चिट नहीं दी जा सकती। उसकी भूमिका को लेकर भी जांच जारी है।



















