भाजपा के नए * **संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह से हस्तक्षेप की अपील
रायपुर। दीपावली का पर्व निकट है, लेकिन छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को 2 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) के आदेश और उसके एरियर का इंतजार अब तक खत्म नहीं हुआ है। सरकार की उदासीनता से प्रदेश के पेंशनरों में भारी आक्रोश और चिंता व्याप्त है। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कहा है कि इंतजार की अब इंतहा हो गई है। त्योहार के समय भी पेंशनरों को उनकी जायज राहत के लिए प्रतीक्षा करना पड़ रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने आगे कहा है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और वरिष्ठ नागरिकों की दवाइयों, इलाज तथा रोजमर्रा की जरूरतों पर खर्च बढ़ता जा रहा है। ऐसे में महंगाई राहत का समय पर भुगतान पेंशनरों के लिए बेहद जरूरी है। सरकार की बेरुखी के कारण पेंशनरों को आर्थिक कठिनाइयों के साथ मानसिक चिंता भी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि पेंशनरों को ऐसा महसूस हो रहा है मानो आईएएस वित्तमंत्री होने का खामियाजा भी उन्हें ही भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार को पेंशनरों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए दीपावली के पहले 2 प्रतिशत डीआर का आदेश जारी करना चाहिए तथा 1 जनवरी 2026 से लंबित 10 माह के एरियर सहित भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए। त्योहार के अवसर पर पेंशनरों को राहत देने के बजाय उन्हें आदेश की प्रतीक्षा में रखना उचित नहीं है।
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के पदाधिकारी क्रमशः वीरेन्द्र नामदेव,जे पी मिश्रा, अनिल गोल्हानी, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, एन आर साहू,लोचन पांडेय, पूरन सिंह पटेल, आर के टंडन,टी पी सिंह, एन के कनौजे,डॉ शेषा सक्सेना, शैलेन्द्र कुमार सिन्हा,आर जी बोहरे,ओ डी शर्मा, उर्मिला शुक्ला,शैलेन्द्र अग्रवाल,अनिल पाठक,वंदना मिश्रा,बी एस दसमेर, एम एन पाठक, लता चावड़ा, ए के दीक्षित, एम आर चंद्राकर, शैलेन्द्र अग्रवाल,बी आर रावत, सी एल चन्द्रवशी, आर आर भोंसले,भीमराव जाम्हले, शरद अग्रवाल,एन के कन्नौजे, चितरंजन साह, आर के साहू ने भाजपा के नवनियुक्त संगठन महामंत्री श्री कर्मवीर सिंह से आग्रह किया है कि वे इस गंभीर विषय को संज्ञान में लेकर राज्य सरकार को उचित सलाह दें, ताकि दीपावली के पहले डीआर का आदेश एरियर सहित जारी हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार को पेंशनरों की नाराजगी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय पर निर्णय नहीं होने से सरकार के प्रति पेंशनरों के विश्वास और राजनीतिक प्रभाव पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
महासंघ ने मुख्यमंत्री एवं वित्त विभाग से मांग की है कि मामले में तत्काल निर्णय लेकर पेंशनरों को दीपावली का उपहार दें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेंशनरों को आश्वासन नहीं, समय पर आदेश और एरियर सहित वास्तविक राहत चाहिए।



















