राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर ने भारतीय राष्ट्रीय इंजीनियरिंग अकादमी (INAE) के सहयोग से 27 अक्टूबर 2026 को मल्टीडिसिप्लिनरी इंजीनियरिंग एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (MEET 2026) पर आयोजित INAE यूथ कॉन्क्लेव सह राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन समारोह आयोजित किया। समारोह में छत्तीसगढ़ शासन के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में डॉ. समीर बाजपेयी, निदेशक (प्रभारी), एनआईटी रायपुर; डॉ. राजीव प्रकाश, निदेशक, आईआईटी भिलाई; डॉ. रोहित कुमार गुप्ता, निदेशक, JNARDDC; डॉ. एस. सान्याल, अधिष्ठाता, CR&RM तथा डॉ. अर्चना शर्मा, ANRF PM प्रोफेसर, एनआईटी रायपुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. संजीव कुमार, सहायक प्राध्यापक, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग ने की। इस अवसर पर सम्मेलन के समन्वयक, संकाय सदस्य एवं प्रतिभागी भी उपस्थित थे।
डॉ. समीर बाजपेयी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया तथा प्रतिभागियों के प्रयासों, समर्पण और प्रस्तुत विचारों की सराहना की। उन्होंने युवाओं को अपने विचारों और परियोजनाओं पर निरंतर कार्य करते हुए उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। डॉ. एस. सान्याल ने युवाओं से अपने ज्ञान और कौशल को देश की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नवाचारों को केवल सम्मेलन में प्रस्तुत करने तक सीमित न रखकर उन्हें समाज और अर्थव्यवस्था के लिए उपयोगी समाधानों में परिवर्तित करना आवश्यक है।
डॉ. राजीव प्रकाश ने प्रतिभागियों को अपने विचारों को आगे बढ़ाने और उन्हें व्यावहारिक रूप देने के लिए एनआईटी रायपुर, रायपुर के iHub तथा आईआईटी भिलाई के इन्क्यूबेशन केंद्रों से जुड़ने की सलाह दी। उन्होंने समझाया कि किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास और धैर्य आवश्यक हैं। असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
डॉ. रोहित कुमार गुप्ता ने भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2000 में अंतरिक्ष क्षेत्र में प्रयुक्त होने वाली 90 प्रतिशत से अधिक सामग्री आयात की जाती थी, जबकि आज भारत स्वदेशी तकनीक के माध्यम से महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कर रहा है। उन्होंने आगामी चंद्र अभियानों और भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए युवाओं को नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आत्मनिर्भरता की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने एनआईटी रायपुर का पूर्व छात्र होने पर गर्व भी व्यक्त किया।
डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि सम्मेलन में 300 से अधिक प्रतिभागियों और 180 से अधिक टीमों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने विचारों, परियोजनाओं, शोध कार्यों और तकनीकी समाधानों को प्रस्तुत किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह आयोजन युवाओं को अपने विचारों और प्रारूपों को तकनीकी रूप से सुदृढ़ तथा सामाजिक दृष्टि से उपयोगी समाधानों में बदलने के लिए प्रेरित करेगा।
मुख्य अतिथि श्री अरुण साव ने देशभर से आए युवा नवप्रवर्तकों का छत्तीसगढ़ में स्वागत किया। उन्होंने भारत के गौरवशाली इतिहास और वैज्ञानिक परंपरा का उल्लेख करते हुए स्वदेशी नवाचारों के उचित ब्रांडिंग एवं पेटेंट की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने युवाओं को चुनौतियों का सामना करते हुए आत्मविश्वास, दृढ़ता और नवाचार की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से कहा कि वे ही विकसित भारत 2047 के निर्माण करेंगे और भारत देश के भविष्य को गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे |
इसके बाद कार्यक्रम के विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इसके पश्चात अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए। अंत में डॉ. अर्चना शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
सम्मेलन का समापन युवाओं में नवाचार, बहुविषयक अनुसंधान और तकनीकी उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ हुआ। MEET 2026 ने राष्ट्र निर्माण के लिए स्वदेशी तकनीकी समाधानों को प्रोत्साहित करने तथा युवा प्रतिभाओं को देश की प्रगति में योगदान देने हेतु प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



















