भोपाल: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मध्य प्रदेश में होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाया है. पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने उनके नाम को मंजूरी दी है. यह चुनाव केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई राज्यसभा सीट पर कराया जा रहा है.
चुनाव आयोग ने इस सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है. इसके मुताबिक 26 अक्टूबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. उम्मीदवार 2 नवंबर तक अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं. 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी. वहीं नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 5 नवंबर तय की गई है. अगर जरूरत पड़ी तो 12 नवंबर को मतदान कराया जाएगा. मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा. इसी दिन शाम 5 बजे से वोटों की गिनती होगी और नतीजे घोषित किए जाएंगे. चुनाव प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी कर ली जाएगी.
एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की यह सीट केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है. उन्होंने 13 अक्टूबर 2026 को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था. इसके बाद 14 अक्टूबर को सीट रिक्त घोषित कर दी गई. इस सीट का कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक है. ऐसे में उपचुनाव में जीतने वाले उम्मीदवार को इस तारीख तक राज्यसभा सदस्य के रूप में काम करने का मौका मिलेगा. यह चुनाव मध्य प्रदेश से राज्यसभा में खाली हुई एक सीट को भरने के लिए कराया जा रहा है.
कौन हैं हरदीप सिंह पुरी?
हरदीप सिंह पुरी केंद्र सरकार में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हैं. राजनीति में आने से पहले वह भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी थे. वह 1974 बैच के विदेश सेवा अधिकारी हैं. उन्होंने अपने राजनयिक करियर के दौरान कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं. पुरी 2009 से 2013 तक संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि रहे. इस दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद विरोधी समिति के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया. जून 2013 में वह इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट में वरिष्ठ सलाहकार के तौर पर जुड़े.
2014 में BJP में हुए शामिल
हरदीप सिंह पुरी जनवरी 2014 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे. नवंबर 2020 में वह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के सदस्य बने. मई 2019 में उन्होंने केंद्र सरकार में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय में स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली. बाद में उन्हें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई.



















