Surya Shani Shadashtak Yog: वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार, सूर्य-शनि का षडाष्टक दृष्टि योग बनने जा रहा है. षडाष्टक दृष्टि योग 1 नवंबर 2026 को रात 9 बजकर 05 मिनट पर बनेगा. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और शनि के इस योग को सावधानी के साथ देखने की सलाह दी जाती है. ज्योतिषाचार्य पंडित धनंजय पांडेय के अनुसार जानिए सूर्य और शनि ग्रह का षडाष्टक दृष्टि योग किन राशियों के जातकों को प्रभावित कर सकता है.
Aries: मेष राशि
सूर्य-शनि के षडाष्टक दृष्टि योग का प्रभाव कार्यक्षेत्र और नौकरी पर देखने को मिल सकता है. साथ में काम करने वाले लोगों या किसी अधिकारी से मतभेद हो सकता है. कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग न मिलने से निराशा रह सकती है. सामाजिक कार्यों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.
Leo: सिंह राशि
नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए. विवादों से बचकर रहना अच्छा रहेगा. सेहत से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. आत्मविश्वास में कुछ कमी महसूस हो सकती है. पारिवारिक जीवन में बेवजह चिंता करने से बचें.
Libra: तुला राशि
किसी भी प्रकार का नया निवेश करने से पहले विचार करें. अगर निवेश करना जरूरी हो, तो किसी जानकार या परिवार के लोगों से सलाह लें. वैवाहिक जीवन में तनाव से बचने के लिए बातचीत में नियंत्रण रखना उचित होगा. कार्यस्थल पर काम को लेकर दबाव महसूस हो सकता है.
Scorpio: वृश्चिक राशि
नौकरी में अस्थिरता की स्थिति बन सकती है. कार्यस्थल पर कोई आवश्यक काम अचानक रुक सकता है. बिजनेस करने वाले जातकों को व्यापार में निवेश को लेकर निर्णय सावधानी से लेना होगा. लेनदेन में सतर्कता बरतें. पारिवारिक जीवन में खर्च बढ़ सकता है.
How Shadashtak Yog Form: कैसे बनता है सूर्य-शनि का षडाष्टक दृष्टि योग?
ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार, जब सूर्य और शनि एक दूसरे से 150 डिग्री की दूरी पर मौजूद होते हैं, तो षडाष्टक दृष्टि योग बनता है. इसके अलावा जब कुंडली में सूर्य-शनि एक दूसरे से छठे और आठवें भाव में मौजूद होते हैं, तो भी षडाष्टक दृष्टि योग बनता है.



















