उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में आदि कैलाश यात्रा पर गए इंदौर के सर्राफा कारोबारी तिलक शर्मा की दुखद मौत हो गई है। तिलक शर्मा अपने दोस्तों के साथ इस यात्रा को करने निकले थे। लेकिन इसी बीच उनके साथ ये अनहोनी हो गई और जिंदगी खत्म हो गई। जानकारी के मुताबिक आदि कैलाश के दर्शन कर लौटते समय तिलक को सांस लेने में परेशानी होने लगी। उनके दोस्त का कहना है कि तिलक को ऑक्सीजन किट से ऑक्सीजन दी गई, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें गाड़ी से आर्मी बेस कैंप ले जाया गया, जहां उन्हें इंजेक्शन और दवाइयां दी गईं। तबीयत में सुधार नहीं होने पर उन्हें दूसरे बेस कैंप स्थित अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां पहुंचने के कुछ ही मिनटों बाद उनकी मौत हो गई।
तिलक इंदौर के सराफा कारोबारी थे
आपको बता दें कि तिलक शर्मा इंदौर के सराफा कारोबारी थे और उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर के लिए चांदी के मुकुट और शृंगार सामग्री बनाने का काम करते थे। उनके साथ अचानक इस तरह से हुए वाक्ये के हर कोई सन्न है। किसी को यकीन नहीं हो रहा है कि वो तिलक शर्मा अब उनके बीच में नहीं है। इस घटना से इंदौर के सराफा कारोबारियों और परिचितों में शोक का माहौल है। वहीं उनके साथ यात्रा पर आए साथियों में शोक की लहर है। परिवार के इकलौते बेटे तिलक इंदौर के सराफा बाजार में दुकान चलाते थे और महाकाल मंदिर के लिए चांदी के मुकुट, नेत्र, कान के आभूषण, टीका और छत्र जैसी शृंगार सामग्री बनाते थे। उनके पिता भी उनके साथ में काम करते थे। अगले साल उनकी शादी होने वाली थी।
पूरे परिवार में छाया मातम
तिलक के दोस्त प्रतीक ने बताया है कि यात्रा में सात सदस्य गए थे। कैलाश मानसरोवर से पहले उन्होंने नीम करौली बाबा, जागेश्वर धाम के दर्शन किए। नैनीताल घूमने के बाद वो कैलाश मानसरोवर पहुंचे लेकिन दर्शन करने के बाद लौटते समय तिलक को सांस लेने में परेशानी हुई। लिहाजा अचानक हुए हादसे से पूरे परिवार में मातम छा गया है।



















