नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। इस गंभीर स्थिति पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और उनसे तीखे सवाल पूछे। अदालत ने चिंता जताते हुए कहा कि हवा की गुणवत्ता का सूचकांक (AQI) तेजी से ‘गंभीर’ श्रेणी की तरफ बढ़ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि पराली जलाने के मामलों पर अब तक पूरी तरह से रोक लग जानी चाहिए थी। अधिकारियों की ढिलाई पर तंज कसते हुए कोर्ट ने पूछा कि क्या वे “इस मौसम का आनंद ले रहे हैं।”
यह सख्त टिप्पणी जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन जजों वाली पीठ (Bench) ने सुनवाई के दौरान की। पीठ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारी जमीनी कार्रवाई करने के बजाय सिर्फ बयानबाजी और बातें करने में लगे हुए हैं। जबकि हकीकत यह है कि दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में AQI 400 के खतरनाक आंकड़े को छू रहा है।
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस कांत ने अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा, “मुझे पूरी उम्मीद है कि आप सभी दिल्ली के इस मौसम का खूब आनंद ले रहे हैं।”



















