आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव शुक्रवार (06 नवंबर, 2026) को सीवान कोर्ट में पेश हुए. मामला 2011 का है. अपनी पार्टी के प्रत्याशी के विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए लालू यादव लेट से पहुंचे थे. समय खत्म होने के बाद भी भाषण दिया था. ऐसे में सभा करने और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ था.
आरजेडी प्रत्याशी और आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव, ये दोनों लोग केस में आरोपी बनाए गए थे. उस वक्त के प्रत्याशी रहे परमेश्वर सिंह की मौत हो चुकी है. इस केस में लालू यादव को कोर्ट के द्वारा कई बार बुलाया गया था, लेकिन तबीयत खराब के कारण नहीं पहुंच रहे थे. शुक्रवार को पेश हुए तो इस मामले में कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी.
इस पूरे मामले में लालू प्रसाद यादव की आज एसीजेएम-1 की अदालत में पेशी हुई. आचार संहिता उल्लंघन का मामला तत्कालीन अंचलाधिकारी ने डोरंडा थाने में दर्ज कराया था. केस के गवाह डोरंडा के तत्कालीन थानाध्यक्ष हैं. अब इस केस में लालू यादव को बड़ी राहत मिली है.
कुर्की-जब्ती तक का जारी हुआ था आदेश
इस मामले में लालू यादव के वकील ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि लालू यादव को कई बार नोटिस गया था. वह उपस्थित नहीं हो सके थे. इसके बाद उसके बाद गैर जमानती वारंट जारी हुआ. अस्वस्थ होने के कारण वे पेश नहीं हो पा रहे थे. फिर कुर्की-जब्ती का भी आदेश जारी हुआ, लेकिन उनकी तरफ से हम लोगों ने याचिका दायर की थी. उसमें हम लोगों ने सब कुछ बताया था.
कोर्ट को बताया गया था कि लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, रेल मंत्री भी रह चुके हैं, इनका स्वास्थ्य सही नहीं है, इसलिए आने में असमर्थ हैं. एक बार इन्हें मौका दिया जाए. इसके बाद कोर्ट ने उन्हें आज (शुक्रवार) का वक्त दिया था. न्यायाधीश अरविंद कुमार सिंह ने उन्हें जमानत दी है.
बता दें कि लालू के पहुंचने के बाद उनके चाहने वालों और आरजेडी कार्यकर्ताओं की भीड़ लग गई. कोर्ट से जमानत लेने के बाद सीधा लालू यादव बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी के घर पहुंचे. यहां वे कुछ लोगों से मिले. कार्यकर्ताओं से मिले. करीब एक घंटे तक रहे. फिर वे हिना शहाब (शहाबुद्दीन की पत्नी) के घर पहुंचे.



















