Karauta Salepur Rajgir Tourist Way : पटना से राजगीर की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने वाली महत्वपूर्ण सड़क परियोजना करौटा-सालेपुर-राजगीर टूरिस्ट वे का शुक्रवार को राज्यसभा सांसद और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने औचक निरीक्षण किया. नालंदा पहुंचे नीतीश कुमार ने निर्माणाधीन सड़क का जायजा लिया और काम की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई. उन्होंने पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने का सख्त निर्देश दिया.
काफिले को पीछे छोड़ एक किलोमीटर पैदल चले नीतीश कुमार
निरीक्षण के दौरान बिहार के डिप्टी सीएम विजय चौधरी, नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव इंजीनियर सुनील कुमार, जदयू जिलाध्यक्ष और पथ निर्माण विभाग के वरीय अधिकारी मौजूद रहे. जानकारी के अनुसार, सालेपुर पहुंचने के बाद नीतीश कुमार ने अपने काफिले की गाड़ियों को पीछे छोड़ दिया और करीब एक किलोमीटर तक निर्माणाधीन सड़क पर पैदल चलकर कार्यों का जायजा लिया.
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इस दौरान उन्होंने सड़क निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री, पुल-पुलियों की बनावट और प्रस्तावित अंडरपास के अलाइनमेंट का बारीकी से निरीक्षण किया. इसके अलावा नरसंडा के पास एनएच-431 क्रॉसिंग पर बने फ्लाईओवर और सर्विस रोड की स्थिति भी देखी.
निर्माण की धीमी रफ्तार पर अभियंताओं और एजेंसी को चेतावनी
निरीक्षण के दौरान परियोजना के निर्माण कार्य में हो रही देरी पर नीतीश कुमार ने नाराजगी जाहिर की. उन्होंने पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं और कार्य एजेंसी को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि इस अति महत्वपूर्ण परियोजना में किसी भी तरह की लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता से भी कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा.
नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित डेडलाइन के भीतर हर हाल में निर्माण कार्य पूरा किया जाए, ताकि लोगों को जल्द से जल्द इस सड़क परियोजना का लाभ मिल सके.
दो फेज में बन रहा करौटा-सालेपुर-राजगीर टूरिस्ट वे
गौरतलब है कि राजधानी पटना से पर्यटन नगरी राजगीर तक सीधी, सुगम और जाममुक्त कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस कॉरिडोर का निर्माण दो चरणों में किया जा रहा है.
पहले चरण में एनएच-31 पर करौटा स्थित मां जगदंबा स्थान से तेलमर, भेड़िया और नरसंडा होते हुए सालेपुर तक 19.43 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करीब 265 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है. यह सड़क बिहटा-सरमेरा एसएच-78 से जुड़ती है.
वहीं, दूसरे चरण में सालेपुर से राजगीर तक करीब 26 से 28 किलोमीटर लंबा बुद्ध सर्किट फोरलेन ग्रीनफील्ड हाईवे बनाया जा रहा है. 800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली इस परियोजना में आधुनिक अंडरपास भी बनाए जा रहे हैं.
पटना से राजगीर की दूरी 31 किलोमीटर होगी कम
करौटा-सालेपुर-राजगीर टूरिस्ट वे के चालू होने से पटना और राजगीर के बीच आवागमन काफी आसान हो जाएगा. वर्तमान में दोनों शहरों के बीच की दूरी करीब 108.4 किलोमीटर है, जो इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद घटकर लगभग 77 किलोमीटर रह जाएगी.
इससे यात्रियों को करीब 31 किलोमीटर की दूरी कम तय करनी पड़ेगी. साथ ही 45 मिनट से एक घंटे तक के समय की बचत होने का अनुमान है. इस सड़क के चालू होने से राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, घोड़ा कटोरा और जू-सफारी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा. इससे पर्यटन और स्थानीय आवागमन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.



















