अरसा बाद इस बार रविवार को फाल्गुन मास की पूर्णिमा भद्राकाल से रहित होगी। भद्राकाल से मुक्त पूर्णिमा में प्रदोष काल में होलिका होलिका दहन होगा। शहर से ग्राम्यांचलों तक तिराहों, चौराहों से लेकर सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित होलिकाओं में वर्ष भर के कष्टों, विकारों को जलाने की तैयारियां पूरी पूरी कर ली है।
होलिका दहन आज -उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के वृद्धि योग में होलिका दहन शुभदायी
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