नई दिल्ली। कोरोना की दूसरी लहर के बाद डेल्टा प्लस वेरिएंट ने परेशानी पैदा कर दी है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, देशभर में डेल्टा प्लस वेरिएंट के 50 केस मिले हैं। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के निदेशक डॉ एसके सिंह ने पुष्टि की कि आज तक, देश भर में डेल्टा प्लस के 48 मामले हैं। सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में मिले हैं। सरकारी सूत्र ने एएनआई को बताया, मध्य प्रदेश में दो डेल्टा पॉजिटिव मामलों की मौत हुई हैं। महाराष्ट्र ने शुक्रवार को रत्नागिरी जिले में कोविड-19 के बदले हुए डेल्टा प्लस वेरिएंट के कारण अपनी पहली मौत की सूचना दी। मौत ने स्थानीय अधिकारियों को एक बार फिर राज्य में ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए मजबूर कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रत्नागिरी के संगमेश्वर इलाके में डेल्टा प्लस वेरिएंट के कारण एक 80 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। अधिकारियों ने पुष्टि की कि मृतक उम्र से संबंधित अन्य बीमारियों से भी पीडि़त था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र में अब तक डेल्टा प्लस वेरिएंट के 21 मामलों की पहचान की गई है। एक मौत के साथ, राज्य में अब ऐसे 20 मामले बचे हैं और अधिकारियों द्वारा उन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंडरा रहे कोरोनावायरस की तीसरी लहर के खतरे के बीच प्रति दिन 3,000 टन तरल चिकित्सा ऑक्सीजन का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा है।
भारत में डेल्टा प्लस वेरिएंट के 50 केस मिले, सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में
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