रायपुर। 2004 से पूर्व नियुक्त एलबी शिक्षक संवर्ग के 14 हजार शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलना चाहिए। राज्य शासन द्वारा संविलियन के समय अन्य विभागों में पदस्थ कर्मियों को 8 वर्ष की सेवा की अनिवार्यता के आधार पर एलबी शिक्षक समूह में संविलियित किया गया था। उक्त जानकारी प्रेसक्लब रायपुर में आयोजित पत्रकारवार्ता में प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ रायपुर के अध्यक्ष चन्द्रभानू मिश्रा ने दी। पत्रकारवार्ता में मिश्रा ने बताया कि 1998 से नियुक्त एलबी शिक्षकों 2018 तक पंचायत विभाग में रहकर शिक्षा विभाग में पद के विरूद्ध सेवाएं दी जाती रहीं। वहीं नई पेंशन योजना से केन्द्र सरकार अगर जोड़ती है तो इससे शिक्षकों को किसी भी प्रकार का लाभ नहीं होगा। राज्य शासन की अन्य विभाग जैसे जल संसाधन, वन, दैनिक वेतन भोगी, आकस्मिक एवं कार्यभारित निधि से नियुक्त अस्थाई नियमितीकरण योजना का लाभ 2004 से पूर्व के होने के कारण दिया जा रहा है, जबकि वर्तमान 14 हजार शिक्षकों में कुछ सेवानिवृत्ति के आधार पर है वहीं कार्यकाल के दौरान अचानक मृत्यु होने पर उन्हें पुरानी पेंशन ग्रेच्युटी का लाभ नहीं दिया जा रहा है। संघ के सदस्य प्रतिनिधि मंडल के माध्यम से मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री, मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा को ज्ञापन सौंपकर 2004 से पूर्व पेंशन योजना बहाल करने की मांग करेंगे। उन्होंने बताया कि उक्त मामले को लेकर न्यायालय की कार्यवाही भी जारी है। लगभग 22 वर्षों से शिक्षा विभाग में सेवाएं देने के उपरांत भी सदस्यों को मूलभूत सुविधाएं एवं वेतन भत्ते का लाभ न देकर राज्य शासन उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार कर रही है।
2004 से पूर्व 14 हजार एलबी शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए
Related Posts
Add A Comment


















