दिल्ली के रोहिणी जिले की साइबर सेल ने देश के पूवोत्तर राज्यों और उड़ीसा के लोगों को लॉटरी स्कीम के तहत सस्ती कीमत में मोबाइल फोन मुहैया कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। पुलिस ने इस काल सेंटर से 15 लड़कियों समेत कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक यह फर्जी कॉल सेंटर को दो सगे भाई अपने एक साथी के साथ मिलकर चला रहे थे। यहां से पुलिस ने तीन कम्प्यूटर, एक सीपीयू, एक बारकोर्ड स्केनर मशीन, दो प्रिंटर, एक राउटर मशीन, एक लैपटॉप, 52 मोबाइल फोन, दो रजिस्टर, 384 पैकेट और अन्य सामान बरामद किए हैं।
डीसीपी प्रणव तायल के मुताबिक इस कॉल सेंटर को चलाने वाले मुख्य आरोपियों में सुल्तानपुरी निवासी राजकुमार, उसका भाई श्याम कुमार और दोस्त गोविंद शामिल हैं। उन्होंने बताया कि साइबर सेल लगातार जिले में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर की जांच कर रही थी। इस दौरान पुलिस को सेक्टर सात रोहिणी में एक कॉल सेंटर चलने की जानकारी मिली तो शुक्रवार को एक इमारत की दूसरी मंजिल पर पुलिस ने छापेमारी की तो वहां लॉटरी योजना के माध्यम से विभिन्न ब्रांड के मोबाइल फोन देने का झांसा देकर ठगी की जा रही थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कॉल सेंटर से पूर्वोत्तर राज्यों और उड़ीसा के लोगों से ठगी की जाती थी।
जस्ट डॉयल और इंटरनेट से लेते थे नंबर
आरोपियों से पूछताछ में यह जानकारी मिली कि ये जस्ट डॉयल और इंटरनेट के जरिए इन राज्यों की उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर लेते थे और फिर उसपर फोन कर उन्हें आकर्षक ऑफर का झांसा देकर उन्हें फंसाते थे। इसके लिए ये उनके नंबर की लॉटरी निकलने की बात कह उन्हें रेडमी मोबाइल दिए जाने का प्रलोभन देते थे। कॉलर कहते थे कि ऑफर सिर्फ एक दिन के लिए मान्य है। पीडि़तों के हामी भरने पर उन्हें 17 हजार के मोबाइल के लिए 4500 रुपये ऑनलाइन जमा करने के लिए कहते थे। आरोपियों के खाते में रुपये आने के बाद पीडि़तों को पार्सल में पर्स, बेल्ट या फिर साबून जैसे चीजें भेजते थे। इसके बाद पुलिस टीम ने रोहिणी सेक्टर 20 स्थित उनके वेयर हाउस पर छापेमारी कर मात्रा में पार्सल बरामद किया।



















