लखनऊ. कोरोना संकट में जरूरतमंदों की मदद के लिए कई चेहरे सामने आए। इन्होंने जाति-मजहब से परे कौमी एकता की मिसाल पेश की। लखनऊ की सईद उज्मा परवीन व कुली मुजीबुल्ला की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। शरीर से दुबली-पतली उज्मा हर दिन अपनी पीठ पर 20 लीटर वाली स्प्रेयर मशीन लादकर पुराने लखनऊ की उन तंग गलियों में पहुंच जाती हैं, जहां नगर निगम की टीम ने सैनिटाइजेशन से हाथ खड़े कर दिए थे। उज्मा ने इस काम में न तो मजहब का भेद रखा न ही ऊंच-नीच का।
कोरोना संकट में जज्बे की 2 मिसालें / अपनों के तानों को अनसुना कर बचत के पैसों से मंदिर-मस्जिद को सैनिटाइज कर रहीं उज्मा, 80 साल के कुली मुजीबुल्ला ने फ्री में मजदूरों का लगेज उठाया वीडियो देखे
Related Posts
Add A Comment


















