डॉ. एम एस लालपुरिया, ज्योतिष शोधकर्ता मनुष्य के जीवन में दुख और सुख एक चक्र की तरह घूमता रहता है। जीवन में कभी दुख तो कभी सुख। दुख और सुख में कोई भी स्थाई नहीं होता। लेकिन कई लोगों के जीवन में दुख का समय कभी-कभी बड़ा हो जाता है। दरअसल ज्योतिष शास्त्र अनुसार हमारे जीवन पर ग्रहों का खास प्रभाव रहता है। इन्हीं ग्रहों की स्थिति और प्रभाव के कारण मनुष्य के जीवन में कभी दुख तो कभी सुख का ये चक्र चलता रहा है।

भारतीय ज्योतिष में जहां कुछ ग्रहों को देव माना गया है, वहीं कुछ ग्रहों को दैत्य माना गया है। लेकिन ये जरूरी नहीं है कि देव ग्रह आपको अच्छा ही फल दें और दैत्य ग्रह बुरा ही। दरअसल ये इन ग्रहों के आपकी कुंडली में बैठने की स्थिति पर निर्भर करता है, तभी तो जहां कई बार राहु किसी व्यक्ति को उन ऊंचाइयों तक पहुंचा देता है, जहां के बारे में उसने कभी सोचा तक नहीं था, वहीं कई बार व्यक्ति को सूर्य इतने नीचे गिरा देता है जहां से उठना लगभग नामुमकिन हो जाता है।

ज्योतिष शास्त्र में कई ऐसी बातें बताई गई है जिससे हम जान सकते हैं कि हमारे जीवन में किस ग्रह की क्या स्थिति है और उसका क्या प्रभाव पड़ रहा है। इतना ही नहीं अगर हमारे जीवन पर किसी ग्रह का अगर नाकारात्म प्रभाव पड़ रहा है तो ज्योतिष शास्त्र में बताए गए उपायों के जरिए उसे ठीक कर सकते हैं।

सूर्य – जब कोई बोलते समय मुंह से थूक उछालना अथवा पिता के साथ तनाव या संघर्ष वाद विवाद होता है।

उपाय- लाल तथा काली रंग की गाय को गुड़ खिलाएं अथवा लाल मुंह के बंदर को रोटी डालें।

चंद्रमा – तनाव में रहना तथा अवसाद होना अथवा आत्महत्या का विचार आना।

उपाय- माता की सेवा करना तथा पौधों में पानी डालना अथवा पश्चिमी उत्तरी कोने में पौधा लगाना।

मंगल – संतान उत्पन्न होने में बाधा आना बिजली का सामान अथवा पंखा लाइट खराब होना तथा भाइयों में विवाद होना।

उपाय- भाइयों की सहायता करना तथा लाल रंग का रुमाल जेब में रखना।

बुध- दांत टूटना या दांत में दर्द होना तथा कार्य में अड़चनें आना।

उपाय- गाय को हरा चारा डालना तथा गरीब छात्र छात्र को पुस्तकों का दान करना।

बृहस्पति- पढ़ाई में रुकावट हो समाज अथवा संस्थाओं में अपमान होना तथा घर मैं झगड़ा होना।

उपाय- पीपल के पेड़ की पूजा करना तथा साधु संत को पीला कपड़ा दान करना।

शुक्र- अंगूठे पर चोट लगना, मन भटकना तथा चर्म रोग होना ,प्रेम और विलासिता का अभाव होना।

शनि – मंदिर अथवा सार्वजनिक स्थान पर जूते चोरी होना ,मकान का कोई हिस्सा टूटना अथवा जांघ में दर्द होना।

उपाय- अच्छे कर्म करना ,कर्मचारियों का मान सम्मान करना, न्याय करना तथ पंचांग पढ़ने वाले भार्गव को दान देना।

राहु– शंका तथा संदेह होना, पत्नी से तालमेल का अभाव, नाखून टूटना, खाने में बाल आना।

उपाय- घर का दक्षिणी पश्चिमी को ना साफ करना दक्षिणी पूर्वी कोने में पौधा रखना घर में अंधेरा होना नहीं चाहिए।

केतु– पेशाब में समस्या होना, चर्म रोग होना आर्थिक नुकसान होना, संबंधों में कड़वाहट होना, दुश्मन बढ़ना।

उपाय- घर में कुत्ता पालना ,साधु को कंबल का दान करना, कान छिदवाना।

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक श्री हनुमत की प्रार्थना करना या आराधना करने से सभी ग्रहों की प्रार्थना हो जाती है।

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