० पौष्टिक साग-सब्जी से संवरेगी बच्चों की सेहत
राजनांदगांव। अच्छी सेहत के लिए बच्चोंए गर्भवती महिलाओं व शिशुवती माताओं को आंगनवाड़ी केंद्र और घर की बाड़ी में उगाई हुई सब्जियां परोसी जा रही हैं। इसके लिए जिले में 3,501 पोषण वाटिका बनाई गई है, जहां लालभाजी, पालक, मुनगा व पपीता जैसे कई पौष्टिक फल-सब्जियां निकल रही हैं।
बच्चों, गर्भवती महिलाओं व शिशुवती माताओं में सुपोषण के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्हें पौष्टिक आहार देने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों तथा लाभार्थियों के घरों की बाड़ी में पोषण वाटिका का निर्माण किया गया है। इन पोषण वाटिकाओं से लाभार्थियों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक साग-सब्जी एवं फल मिलने लगे हैं। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों की पोषण वाटिका में लौकी, मुनगा, पालक, भिंडी, तोरई, पपीता, केला एवं विविध तरह की सब्जियां बोईं गई हैं। पोषण वाटिकाओं को काफी आकर्षक स्वरूप दिया गया है, जिसे उद्यानिकी विभाग से सहयोग एवं मार्गदर्शन मिल रहा है। इससे पूर्व कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने पोषण वाटिका में मुनगा के पौधे लगाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि बच्चों की सेहत के लिए पौष्टिक तत्वों से भरपूर मुनगा काफी उपयोगी है। पोषण वाटिका में यह सहज ही उपलब्ध रहेगा। इसी क्रम में जिले में मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के तहत बच्चों को पौष्टिक आहार देने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। विकासखंड मोहला, मानपुर एवं छुईखदान में कुपोषण दूर करने के लिए सघन सुपोषण अभियान चलाया जा रहा है।
इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया, कुल 390 आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिका का निर्माण किया गया है। वहीं जिले में कुल 3,501 पोषण वाटिका बनाई गई है। इसमें से शासकीय भवनों में 75 गांव एवं शहरों में उपयुक्त स्थानों में निर्मित संख्या 483 तथा घरों की बाड़ियों एवं छतों में निर्मित संख्या 2,553 के साथ कुल पोषण वाटिका 3,501 निर्मित की गई है। इसी तरह परियोजना छुरिया-1 में 199, राजनांदगांव ग्रामीण-2 में 156, खैरागढ़ में 332, मोहला में 264, मानपुर में 325, डोंगरगढ़ में 331, छुरिया-2 में 174, अंबागढ़ चौकी में 300, डोंगरगांव में 243, राजनांदगांव ग्रामीण-1 में 208 छुईखदान में 314, राजनांदगांव शहर में 154 आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिका का निर्माण किया गया है।
बाक्स….
सुपोषण के लिए एक प्रयास यह भी…
बच्चों में सुपोषण लाने के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास करने के लिए जिले में 24 अगस्त से शिशु संरक्षण माह भी मनाया जा रहा है जो 28 सितंबर तक चलेगा। इस विशेष माह के अंतर्गत बच्चों को विटामिन ए तथा आयरन फॉलिक एसिड सिरप की खुराक दी जा रही है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया, विटामिन ए की कमी से बच्चे लगातार बीमार पड़ सकते हैं। आंखें कमजोर हो सकतीं हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में शिशु संरक्षण माह का आयोजन किया गया है। इसके अंतर्गत निर्धारित तिथियों में सभी टीकाकरण केंद्रों में मंगलवार एवं शुक्रवार को टीकाकरण की सेवाओं के साथ-साथ विटामिन ए की खुराक भी दी जा रही है। डॉ. चौधरी ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है, श्शिशुवती माताएं निर्धारित समय में केंद्रों पर पहुंचकर अपने बच्चे को विटामिन ए की खुराक पिलाएं। विटामिन ए की खुराक से बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता व मानसिक विकास में वृद्धि एवं आंख में रात में होने वाला अंधापन (नाइट ब्लाइंडनेस) की रोकथाम करने में मदद मिलती है। कार्यक्रम के दौरान निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों को शत-प्रतिशत विटामिन ए की खुराक पिलाई जा रही है।
Related Posts
Add A Comment
chhattisgarhrajya.com
ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
Important Page
© 2025 Chhattisgarhrajya.com. All Rights Reserved.


















