कई बार आपने खबर पढ़ी होगी कि दुनिया समाप्त होने वाली है. इसकी वजह बताई जाती है उल्कापिंड से होने वाली टक्कर. ऐसे कई डेट्स आए और गए, जिसमें दुनिया के खत्म होने की बात कही जाती थी.
लेकिनआखिरी वक्त में खतरा टल जाने से दिक्कत नहीं आई. एक बार फिर साइंटिस्ट्स ने ऐसी ही भविष्यवाणी की है. सितंबर के महीने में एक विशाल उल्कापिंड से धरती के पास से गुजरने की संभावना है. कहा जा रहा है कि दो हफ्ते बाद धरती के बेहद नजदीक से एक विशालकाय पत्थर गुजरेगा.
जानकारी के मुताबिक़, इस पत्थर का साइज बिग बेन टावर, जो दुनिया का सबसे बड़ा टावर है, उससे भी ज्यादा होगा. इसे वैज्ञानिकों ने 2008 RW नाम दिया है. ये पत्थर कई सालों से चक्कर लगा रहा है. हर तीन से चार हफ्ते में ये धरती के नजदीक से होकर गुजरता है. लेकिन इस बार वो जरुरत से ज्यादा ही नजदीक से गुजरेगा. अगर धरती के गुरुत्वाकर्षण ने इसे अपनी और खींचा, तो ये तबाही लेकर आ जाएगा.
इस दिन होगी टक्कर
वैज्ञानिकों के मुताबिक़, 2008 RW धरती के बेहद करीब से गुजरने वाला है. गणित के मुताबिक़, 13 सितंबर को रात के 1 बजकर 50 मिनट पर 2008 RW करीब 10 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ़्तार से गुजरेगा. धरती से इसकी दुरी 6.7 मिलियन किलोमीटर होगी, जो धरती द्वारा गुरुत्वाकर्षण से खींचने के लिए काफी है. ऐसे में काफी ज्यादा चान्सेस हैं कि इसे धरती की ओर खींचा जा सकता है.
आ जाएगी तबाही
अभी तक ये कन्फर्म नहीं है कि अगर ये धरती से टकराया तो टक्कर कहां होगी. इस वजह नासा लगातार इसपर नजर बनाए हुए है. द स्काई के एक्सपर्ट्स ने 2008 RW के बारे में अधिक जानकारी देते हुए बताया कि इसकी खोज सबसे पहले 2 सितंबर 2008 को हुई थी. एक हजार तेईस दिन में ये सूरज का चक्कर लगा लेता है. अभी तक कई बार ये पृथ्वी के पास से गुजरा है. लेकिन इस बार जो दूरी है वो बेहद कम है. इसी वजह से टक्कर की उम्मीद काफी ज्यादा बढ़ गई है.



















