हिंदू धर्म में दशहरा यानि विजयदशमी का त्योहार बेहद ही महत्वपूर्ण माना गया है. पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था और इसलिए दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. यह त्योहार नवरात्रि के बाद आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दसवीं तिथि के दिन मनाया जाता है. इस साल आज यानि 5 अक्टूबर को विजयदशमी मनाई जा रही है. मान्यता है कि इस दिन कोई शुभ कार्य करना या सामान खरीदना लाभदायक होता है. आइए जानते हैं कि दशहरा का शुभ मुहूर्त और क्या है पूजन विधि?
दशहरा 2022 शुभ मुहूर्त
दशहरा के दिन रावण दहन किया जाता है और इसके लिए शुभ मुहूर्त सूर्यास्त के बाद है. इस बार रात को 8 बजकर 30 मिनट पर रावण दहन का शुभ समय है. कहा जाता है कि रावण दहन प्रदोष काल में श्रवण नक्षत्र में करना शुभ होता है और आज श्रवण नक्षत्र 9 बजकर 15 मिनट तक रहेगा.
दशहरा पूजन विधि
दशहरा यानि विजयदशमी की पूजा करते समय सबसे पहले सामग्री तैयार कर लें. इसके लिए गाय का गोबर, चूना, तिलक, चावल, फूल, नवरात्रि में उगे हुए जौ, केले, गुड़, खीर और पूड़ी की आवश्यकता होती है. दशहरे के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और फिर भगवान राम, माता सीता और हनुमान जी का पूजन करें. फिर शमी के पौधे के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं और सभी देवताओं का ध्यान करें. इसके बाद गोबर से 9 गोले या कंडे बनाए जाते हैं और इसमें नवरात्रि में उगाए गए जौ रखें जाते हैं. फिर इस गोलों को धूप-दीप दिखाकर भगवान की प्रार्थना की जाती है. गायत्री मंत्र का जाप किया जाता है. घर के सभी सदस्यों के माथे पर तिलक लगाया है और फिर घर के बड़ों का आशीर्वाद लिया जाता है.
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है. छत्तीसगढ़ राज्य न्यूज पोर्टल लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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