कैंसर को एक बहुत ही खतरनाक बीमारी के तौर पर जाना जाता है। कैंसर शरीर में तब बनने लगता है जब शरीर की कोशिकाएं एकदम से असामान्य रूप से बढऩे लगती हैं। यह बढऩा कई सारी वजहों से हो सकता है। यह बढ़ती हुई कोशिकाएं धीरे-धीरे कैंसर का रूप लेने लगती हैं। जिन लोगों में कैंसर सबसे ज्यादा होता है उनमें शराब का सेवन, धूम्रपान, तंबाकू, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और मोटापा भी शामिल है। अगर कैंसर के बारे में सही समय पर पता चल जाए तो उसका इलाज भी संभव है। अमेरिका के एक कैंसर विशेषज्ञ ने बताया है कि बहुत ही जल्द भारत को कैंसर से जुड़े केसेस की सुनामी झेलनी पड़ सकती है। इसके मुख्य कारण उनके अनुसार बढ़ती हुई जनसंख्या, बिगड़ती हुई अर्थव्यवस्था, भारतीयों की खराब लाइफस्टाइल और ग्लोबलाइजेशन जैसी वजहें हैं। अमेरिका के ओहायो में बने क्लीवलैंड क्लिनिक के एक्सपर्ट्स के अनुसार भारत को बहुत ही जल्दी ढेर सारी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है जिसके उनके अनुसार अनेक कारण हैं। इसलिए उन्होंने यह भी चेताया है कि भारत को मेडिकल फील्ड में जल्द ही काम करना शुरू कर देना चाहिए। उनके अनुसार भारत जैसे देश को कैंसर के टीके, डाटा और डिजिटल टेक्निक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एडवांस में काम करना शुरू कर देना चाहिए डब्ल्यूएचओ ने रिपोर्ट में यह भी कहा है कि सालाना कैंसर की देशों की 2020 की रैंकिंग में अमेरिका के बाद भारत को तीसरा स्थान मिला था। पिछले कुछ वर्षों में जो आंकड़े सामने आए हैं उनमें पुरुषों में सबसे ज्यादा फेफड़ों और मुंह के कैंसर के केसेज आए हैं। वहीं भारतीय महिलाओं में सबसे ज्यादा मामले गर्भाशय के कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर के आए हैं। साल 2018 में अकेले ब्रेस्ट कैंसर के मामले 87,000 महिलाओं से ज्यादा के थे। आईसीएआर के एक्सपर्ट्स बताते हैं कि आंकड़ों के अनुसार भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में ब्रेस्ट, फेफड़ों और मुंह के कैंसर के लगातार बढ़ते हुए केसेज नजर आ रहे हैं। अकेले भारत में ही करीब करीब तीन लाख केसेज होते हैं जो मुंह के कैंसर के होते हैं। इसके अलावा करीब 2 लाख केस ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े हुए और करीब 1 लाख केसेज ऐसे होते हैं जो फेफड़ों के कैंसर के होते हैं।

Advertisement Carousel
Share.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031