पेड़ों से घिरे एक खाली मैदान में बहुत देर से एक ट्रक खड़ा था। पीले रंग के कंटेनर वाले ट्रक को ज्यादा देर से खड़ा देख स्थानीय लोगों को चिंता हुई कि आखिर यह यहां से जा क्यों नहीं रहा है?

स्थानीय लोग ड्राइवर की तलाश करने लगे मगर खेत में खड़ा ट्रक किसका था इसका कोई जवाब देने वाला नहीं था। इसके बाद उन्होंने ने पुलिस को इसकी सूचना दी।

पुलिस मौके पर आई। बम निरोधक दस्ते को भी बुलाया गया। इसके बाद पुलिस ने कंटेनर का दरवाजा खुलवाया और जब उन्होंने दरवाजा खोला तो वे हैरान रह गए। कंटेनर के अंदर 18 शव बिखरे पड़े थे। कुछ और लोग कंटेनर के एक कोने में दुबके मिले। उनकी शारीरिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं थी। उनमें से कुछ फिर बेहोश हो गए। जांच करने पर पुलिस को पता चला कि कंटेनर के अंदर मृत और जीवित सभी लोग अफगानिस्तान के थे। वे एक कंटेनर में छिपकर बुल्गारिया में दाखिल हुए। लेकिन इससे पहले ही कई लोगों की मौत हो गई।

अफगानिस्तान से आए थे लोग – बुल्गारिया के आंतरिक मंत्रालय ने कहा कि ट्रक में 40 अफगान प्रवासी सवार थे। इनमें से 18 की मौत हो चुकी है। शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि कंटेनर के अंदर ऑक्सीजन की कमी के कारण 18 लोगों की मौत हुई है। बाकी 12 की हालत गंभीर है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, प्रवासियों के कपड़े भीगे हुए थे। वे कई दिनों से भूखे थे।

यूके फ्रीजर कंटेनर यादें हुई ताजा – इस घटना ने 2019 यूके फ्रीजर कंटेनर की यादें ताजा कर दीं। उस वक्त इंग्लैंड में एक कंटेनर से 39 शव बरामद किए गए थे। जिनकी उम्र 15-44 साल के बीच थी। वे वियतनाम से प्रवासित लोग थे और शरण लेने के लिए यूरोप में प्रवेश कर गए।

सात संदिग्धों को किया गया गिरफ्तार – इस घटना के बाद सात संदिग्धों को बुल्गारिया के अलग-अलग इलाकों से हिरासत में लिया गया था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ट्रक का ड्राइवर गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में था या नहीं। ऐसा बताया जा रहा है संदिग्ध एक संगठित अपराध गिरोह से जुड़े थे जो तुर्की की सीमा से बुल्गारिया-सर्बिया सीमा तक प्रवासियों की तस्करी में शामिल थे। यात्रियों ने प्रत्येक को 5,000 से 7,000 यूरो का भुगतान किया था।

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