रायगढ़। उप पंजीयक सहकारिता विभाग में इन दिनों हडक़ंप मचा हुआ है। रायगढ़ और खरसिया के धान उपार्जन समिति प्रबंधकों ने सहकारिता निरीक्षकों पर एक रुपए प्रति क्विंटल अवैध वसूली का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत मंत्री उमेश पटेल और कलेक्टर से की गई है। कलेक्टर ने भी जांच के आदेश दिए हैं।

धान खरीदी में गड़बड़ी के कारण रायगढ़ जिला प्रदेश में सुर्खियों में रहता है। समिति स्तर पर किसान पंजीयन, धान खरीदी, बारदाना उपयोग आदि को लेकर हर साल गड़बड़ी सामने आती है। सहकारिता विभाग हर साल ऐसे मामलों को दबाता है। फर्जी खरीदी के कारण आने वाली धान कमी की भी भरपाई कराई जाती है। इस बार सहकारिता विभाग के खिलाफ समिति प्रबंधकों ने मोर्चा खोल दिया है। बताया जा रहा है कि रायगढ़ और खरसिया ब्लॉक समेत कुछ अन्य समिति प्रबंधकों ने लिखित में सहकारिता निरीक्षकों पर एक रुपए प्रति क्विंटल की दर से जबरन वसूली का आरोप लगाया है। प्रबंधकों ने लिखित में इसकी शिकायत मंत्री उमेश पटेल और कलेक्टर से की है। सूत्रों के मुताबिक शिकायत में कितने क्विंटल धान के एवज में कितनी राशि किसे दी गई, इसकी पूरी जानकारी दी गई है। इस मामले में कलेक्टर ने अपर कलेक्टर राजीव पांडे को जांच के आदेश दिए हैं। प्रति क्विंटल एक रुपए की राशि वसूलने वाले सहकारिता निरीक्षकों ने उच्चाधिकारियों का नाम लेकर वसूली की। प्रबंधकों ने लिखित शिकायत की है जिसकी वजह से मामला बेहद गंभीर हो गया है।

मंत्री के सामने भी पेशी

सूत्रों के मुताबिक इस मामले में उप पंजीयक सहकारिता चंद्रशेखर जायसवाल को मंत्री उमेश पटेल ने भी तलब किया था। प्रबंधकों ने सहकारिता विभाग द्वारा की जा रही ज्यादतियों के बारे में विस्तार से मंत्री को बताया। इसके बाद डीआरसीएस की पेशी हो गई। कलेक्टर ने भी तुरंत जांच के आदेश किए हैं।

क्या कहते हैं अपर कलेक्टर राजीव पांडे…
कलेक्टर ने जांच करने को कहा है। जांच के बारे में कुछ नहीं बता सकता। प्रतिवेदन बनाकर सौंंपेंगे।

क्या कहते हैं डीआरसीएस चंद्रशेखर जायसवाल…
मुझे शिकायत की जानकारी मिली है। जांच का पता नहीं है। कोई साजिश करके झूठे आरोप लगा रहा है।

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