What's Hot

अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा : समानांतर संगठन चलाने वालों के खिलाफ पोल खोल अभियान-2

रायपुर। अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के नाम से समानांतर संगठन चलाने वालों को छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष ने खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि बार-बार समझाइश, नोटिस के बाद भी अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के नाम और पंजीयन क्रमांक का उपयोग कर एक समानांतर संगठन चलाया जा रहा है। यह संगठन पूरी तरह फर्जी है एवं समाज में भ्रम फैलाने का काम कर रहा है। उपरोक्त आरोप अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रभूषण वर्मा ने लगाएं हैं। श्री वर्मा ने कहा कि उनके संगठन अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के नाम से एक पूर्व रिटायर्ड आईएएस वी.के. निरंजन भी समानांतर संगठन चला रहे हैं। जिससे समाज में भ्रम की स्थिति है। वी.के. निरंजन अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के नाम व पंजीयन क्रमांक का इस्तेमाल कर प्रदेश सहित देशभर में भी कई सामाजिक आयोजन कर रहे हैं। उनके इस कार्य में छत्तीसगढ़ के दुर्ग सांसद विजय बघेल भी बराबर के भागीदार हैं। इसलिए समाज के लोगों को ऐसे संगठन से दूरी बनाए रखनी चाहिए, जो अपने ही समाज को भ्रम में रखकर, अपने ही समाज के 132 वर्ष पुराने संगठन का दुरूपयोग कर रहे हैं। इसके साथ ही चन्द्रभूषण वर्मा ने ऐसे समानांतर और फर्जी संगठन चलाने वालों को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वे अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के नाम से जारी पंजीयन क्रमांक और लेटरपेड का उल्लेख ना करें। क्योंकि वाराणसी कोर्ट में दायर किए गए मामले में कोर्ट ने उनके अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के पंजीयन को वैध करार दिया है। और यदि इस पंजीयन क्रमांक का उपयोग कर कोइ और संस्थान चला रहा हो तो यह उचित नहीं है। अंत में श्री वर्मा ने साफतौर पर ऐसे फर्जी संगठन चलाने वालों को यह काम छोडऩे देने कहा है। ताकि समाज के लोग एक बैनर और एक नेतृत्व के साथ आकर अपनी उन्नति करें। यदि इसके बाद भी सांसद विजय बघेल और वी.के. निरंजन अपनी हरकतों से बाज नहीं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031