गरियाबंद जिले में लाइलाज बीमारी प्रोजेरिया से जूझ रहे 18 साल के शैलेंद्र ध्रुव का सोमवार रात निधन हो गया है। आपको बता दें कि शैलेंद्र की इच्छा पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अक्टूबर 2021 में उसे एक दिन का कलेक्टर बनाया था। उस वक्त 16 साल का शैलेंद्र 11वीं कक्षा का छात्र था। शैलेंद्र मेडकी डबरी का रहने वाला था।
लाइलाज है प्रोजेरिया
शैलेंद्र राज्य का पहला प्रोजेरिया पीडि़त था। उसकी बीमारी का पता 4 साल पहले चला था। बीमारी के कारण उसकी शारीरिक कोशिकाओं का अधिक विकास हो चुका था, जिसके चलते वह 80 साल के बुजुर्ग जैसा नजर आता था। प्रोजेरिया सिंड्रोम एक दुर्लभ और जानलेवा बीमारी है। इसे बेंजामिन बटन के नाम से भी जाना जाता है। बच्चों में यह बीमारी लैमिन-ए-जीन में गड़बड़ी होने के कारण होती है। इस बीमारी के संकेत पहले से नहीं मिलते, यह अचानक ही हो जाती है, लेकिन दो साल तक की उम्र में बच्चों में इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं।
सीएम भूपेश बघेल ने जताया दुख
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शैलेंद्र के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट किया कि सुबह दुखद सूचना मिली। शैलेंद्र ध्रुव अब हमारे बीच नहीं रहे। गरियाबंद के छुरा के ग्राम मेडकी डबरी के रहने वाले शैलेंद्र प्रोजेरिया बीमारी से ग्रसित थे। हमने उसकी एक दिन का कलेक्टर बनने की इच्छा तो पूरी कर दी थी, लेकिन ईश्वर की कुछ और इच्छा थी। भगवान उसका ख्याल रखें, घर वालों को हिम्मत मिले। ओम शांति…।














