जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि अगर ‘गांधी’ के देश को ‘गोडसे’ का देश बनने से और विनाश से बचाना है, तो एकजुट होने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू के लोगों को कश्मीर के साथ एकजुट होना चाहिए क्योंकि लेह अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कारगिल के साथ एकजुट है। उन्होंने यह भी कहा कि जहां चुनाव महत्वपूर्ण हैं, वहीं उनके लिए लोगों के अधिकारों को सुरक्षित करना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “चुनाव महत्वपूर्ण हैं, लेकिन लोगों के अधिकार (सुरक्षित करना) और शक्तियां, जो उनके संवैधानिक अधिकार हैं वो छीने जा रहे हैं, मेरे लिए अधिक महत्वपूर्ण हैं।”

समाचार एजेंसी कश्मीर न्यूज़ ऑब्जर्वर (केएनओ) के मुताबिक, महबूबा ने कहा, “लेह और कारगिल के लोगों ने नयी दिल्ली को उनके सामने झुका दिया। भारतीय जनता पार्टी ने दूरियां पैदा की हैं और कश्मीर और जम्मू दोनों के लोगों को उन दूरियों को कम करने के लिए एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कहा,“लेह और कारगिल के लोगों ने एकजुट होकर भाजपा की दिल्ली सरकार को अपनी नौकरियों और ज़मीनों की सुरक्षा के लिए और यह सुनिश्चित करने के लिए कि वे क्षेत्र की पहचान के साथ खिलवाड़ नहीं करेंगे, अपने सामने झुका दिया।”

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वह चाहती हैं कि लोग जानें कि भाजपा उनका इस्तेमाल कर रही है और यह कि पीडीपी जम्मू-कश्मीर के लोगों के वास्तविक हित में बोलने वाला सबसे अच्छा मंच है। उन्होंने कहा,“कई पत्रकार और धार्मिक नेता जेल में हैं। मौलाना रहमतुल्लाह कासमी को एनआईए ने तलब किया है, कोई मौलिक अधिकार नहीं हैं।” मुफ्ती ने कहा कि जब वह सत्ता में थीं, तो उन्हें जम्मू-कश्मीर के दोनों क्षेत्रों के लिए समान एम्स संस्थान, स्मार्ट सिटी और मेडिकल कॉलेज मिले और उनका कभी भी किसी क्षेत्र के प्रति उदासीन दृष्टिकोण नहीं रहा। उन्होंने कहा, “वे शरारत करना चाहते हैं और मेरा प्रयास है कि जम्मू से अधिक से अधिक लोग पीडीपी में शामिल हों और हमारी समस्याओं को उजागर करने के लिए लेह और कारगिल जैसे कश्मीर के साथ एकजुट हों।”

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