भाई-बहन के पवित्र प्यार का त्योहार अब बेहद नजदीक है। इस साल अगस्त महीने के आखिरी दिन रक्षा बंधन का त्योहार है लेकिन इसका बाजार अगस्त महीने के पहले दिन से ही सज चुका है। 30 अगस्त को रक्षा बंधन का त्योहार इस साल बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। भाई-बहन के अटूट बंधन को मनाने वाले इस त्योहार को अब महज 10 दिन ही बचे हैं। जिसके कारण अब राखी और उससे जुड़ी तमाम सामग्री की खरीदारी के लिए बाजारों में खासी भीड़ देखने को मिल रही है । आजकल आप बाजारों में कहीं भी नजर घुमा लीजिए, आपको रंगबिरंगी राखी अलग-अलग डिजाइन और रेट में मिल जाएगी।
लग-अलग डिजाइन – मार्केट में आपको एक दो नहीं बल्कि सैकड़ों डिजाइन में मिल जाएगी। कार्टून, रुद्राक्ष से लेकर धागे और मोतियों से जड़ी सैकड़ों राखियां आप बाजार में देख सकते है। कई रंग और डिज़ाइन के साथ आपको राखी मिल जाएगी।
रेट – मुंबई के तमाम मार्केटों की बात करें तो रेट लगभग एक जैसे हैं। राखी कैसी है, उसका रंग, उसके डिज़ाइन के मुताबिक हर रेट में राखी उपलब्ध है। मुंबई के मालाड स्थित नटराज मार्केट में राखी पांच-दस रुपए से शुरू होकर तीस, चालीस, पचास, अस्सी, सौ और डेढ़ सौ, दो सौ तक के रेट में उपलब्ध है।
सोने-चांदी वाली रखी – बाजारों में जितनी मांग धागे और मोती जड़े राखियों की है, उतनी ही चर्चा सोने और चांदी की राखियों की भी है। अलग-अलग डिज़ाइन के साथ अलग-अलग दामों में यह सोने व चांदी की राखियां उपलब्ध हैं। चांदी की राखियों की बात करें तो यह 500 रुपए से शुरू होकर 2000 रुपए तक के भाव में उपलब्ध है। सोने की राखियां 10000 हजार की अपनी शुरुआती कीमत के साथ 30000 रुपए तक का भाव रखती हैं।
भाभियों वाली राखी – बदलते ज़माने के साथ राखी बांधने की परंपरा भी अब बदल चुकी है। ऐसा अब बिल्कुल नहीं रहा कि राखी केवल भाई की कलाई पर ही बांधी जाए। राखी भाई -बहनों का त्यौहार है, वचन का त्यौहार है। भारत के सभी राज्यों में इस त्यौहार को अलग-अलग ढंग से मनाया जाता है। अब राखी केवल भाई को ही नहीं बल्कि भाभी को भी बांधी जा रही है और यह परंपरा आई है राजस्थान से। राजस्थान में भाभी को भी राखी बांधी जाती है। जिसे ‘चूड़ा राखी’ या ‘लुंबा राखी’ कहा जाता है और आम बोलचाल में लोग इसे भाभियों वाली राखी भी कहते हैं। बाजारों में यह राखी 30 रुपए से शुरू होकर 80 और 100 रुपए के भाव में उपलब्ध है।














