Author: NEWSDESK
दुर्ग। इस दीवाली देश-विदेश में भिलाई के गोबर के बने फ्लोटिंग दीये की विशेष रूप से डिमांड पैदा हुई है। गोबर के बने फ्लोटिंग दीये सुंदर तो हैं ही, देर तक पानी में तैरने की वजह से यह बहुत सुंदर नजारा प्रस्तुत करते हैं। यह इकोफ्रेंडली भी हैं इस वजह से देश भर में यह दीये बिक रहे हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए ऐसे दीये बनाने वाली संस्था उड़ान नई दिशा समूह की अध्यक्ष श्रीमती निधि चंद्राकर ने बताया कि कार्तिक पूजा और छठ में नदी और सरोवरों में दीये छोड़ने का नियम होता है। ऐसे में गोबर से बने दीये तैरते रहते हैं और पूरी नदी में बहुत सुंदर नजारा प्रस्तुत करते हैं। श्रद्धालु इन दीयों को बहते देर तक देखते हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा यह दीये इको फ्रेंडली भी हैं। प्रकृति को नुकसान नहीं पहुंचाते। इसके साथ ही कांच के सुंदर बर्तनों में इन दीयों को सजायें तो पूजा का बहुत सुंदर वातावरण इनसे बनता है। उन्होंने बताया कि दीपावली को लेकर विशेष तरह की तैयारियां की गई हैं। देश भर में दीयों की अच्छी डिमांड आ रही है। उनके पास चंडीगढ़, अहमदाबाद, टाटा नगर और लखनऊ से भी आर्डर आये हैं। इसके अलावा विदेशों में इंग्लैंड और कनाडा से भी अच्छी डिमांड आई है। उन्होंने कहा कि हम लोग हमेशा नये तरह के प्रयोग करते हैं और इस बार भी दीयों की सजावट में विशेष रूप से कार्य किया गया है। …
जगदलपुर। 75 दिनों तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरे का समापन मंगलवार को माता मावली की भावभीनी विदाई के साथ हो गया। परंपरा अनुसार बस्तर संभाग के 84 परगना और सीमावर्ती राज्यों से आए 450 से अधिक देवी देवताओं को सोमवार कुटुंब जात्रा के बाद ससम्मान विदाई दी गई। मंगलवार सुबह दंतेश्वरी मंदिर से प्रगति पथ पर जगह-जगह विशाल जनसमुदाय ने माता मावली की भावभीनी विदाई दी द्य विदाई के दौरान भक्तों ने माता मावली के डोली पर फूल बरसाये और पूजा अर्चना की। विदाई रस्म के दौरान पुलिस जवानों ने हर्ष फायरिंग की इस मौके पर विभिन्न समाजों के लोग भी माई जी पर अपनी श्रद्धा व्यक्त करने पहुंचे बस्तर दशहरा की अंतिम रस्म में राजपरिवार के सदस्य कमल चंद भंजदेव दशहरा समिति के अध्यक्ष सांसद दीपक बैज सहित मांझी, चालकी सहित प्रशासनिक अमला मौजूद था।
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