Author: NEWSDESK
रायगढ़। जनपद पंचायत खरसिया अंतर्गत मनरेगा से कई महत्वपूर्ण कार्य संपादित किये जा रहे हैं। विशेष ग्राम पंचायतों में न केवल स्थायी परिसंपत्ति निर्माण हो रहा है बल्कि लोगों की आजीविका में वृद्धि भी हो रही है एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी मजबूती ला रही है।इसी क्रम में जनपद पंचायत खरसिया के ग्राम पंचायत गीधा में भी मनरेगा योजनान्तर्गत कुल 390 परिवार पंजीकृत है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में ग्राम पंचायत गीधा के 181 परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। ग्राम पंचायत गीधा में लोगों के बीच मनरेगा के प्रति जागरूकता लाने का कार्य मेट के रूप में पदस्थ दीपलता राठिया द्वारा बहुत ही निष्ठापूर्वक किया जा रहा है। दीपलता राठिया मेट के रूप में विगत 02 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रही है। दीपलता एक कृषक परिवार से संबंध रखती है एवं कृषि ही उसकी परिवार की आजीविका का मुख्य स्त्रोत है। मनरेगा में मेट के रूप में कार्य कर अब दीपलता भी परिवार की आय में अपना योगदान दे रही है। दीपलता द्वारा कोरोना संक्रमण के दौरान भी मनरेगा कार्यों के संचालन में योगदान दिया गया है। उनके द्वारा लोगों को मनरेगा के कार्यों के प्रति जागरूक किया गया, जिसमें जॉबकार्ड धारियों की मनरेगा कार्यों में भागीदारी में वृद्धि हुई। वित्तीय वर्ष 2019-20 में जहां ग्राम पंचायत गीधा में कुल सृजित मानव दिवस 1133 था, वहीं दीपलता के प्रयासों से वित्तीय वर्ष 2020-21 में मानव दिवस सृजन 5777 हो गया। जिसमें से महिलाओं द्वारा सृजित मानव दिवस 2524 है। दीपलता द्वारा किये गये प्रयासों से वित्तीय वर्ष 2021-22 की प्रथम छमाही में ही ग्राम पंचायत गीधा में 5686 मानव दिवस का सृजन किया गया है। जिसमें से 2779 मानव दिवस सृजन महिलाओं द्वारा किया गया है। उक्त आंकड़ों से स्पष्ट रूप से दीपलता द्वारा किये जा रहे प्रयासों का परिणाम दृष्टिगोचर होता है।दीपलता राठिया 12वीं उत्तीर्ण करने के उपरांत मनरेगा में कार्य करने हेतु रोजगार सहायक श्री मोहरसाय राठिया से संपर्क की। रोजगार सहायक एवं सचिव द्वारा दीपलता की कार्य के प्रति रूचि को देखते हुए उन्हें मेट के रूप में चयन किया गया। तकनीकी सहायक श्रीमती अनुराधा वानी द्वारा दीपलता को मनरेगा कार्यों में मेट द्वारा किये जाने वाले कार्य जैसे-श्रमिकों को कार्य का आबंटन, मस्टर रोल में ग्रामीणों की उपस्थिति दर्ज करना एवं कार्य का माप करने के संबंध में प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण उपरांत दीपलता द्वारा मेट के रूप में अपने कार्यों का समुचित तरीके से निर्वहन कर रही है। जिससे मेट दीपलता न केवल अपने ग्राम पंचायत वरन अन्य ग्राम पंचायतों की महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत का काम कर रही है।











