टूल किट मामले में पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह व भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। चीफ़ जस्टिस व जस्टिस एन के चन्द्रवंशी की डिवीजन बेंच ने माना कि ट्वीट से कोई सामाजिक सौहार्द नहीं बिगड़ा। इसके साथ ही दोनों भाजपा नेताओं के विरुद्ध दर्ज एफआईआर को कोर्ट ने निरस्त कर दिया। बता दें कि बीते 12 सितम्बर को सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रखा गया था। बता दें कि दो साल पहले का यह मामला है। वर्ष 2021 में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने 18 मई को अपने ट्विटर अकाउंट से कांग्रेस का कथित लेटर पोस्ट करते हुए दावा किया था कि इसमें देश का माहौल खराब करने की तैयारी की प्लानिंग लिखी है। इसके साथ ही लिखा गया कि विदेशी मीडिया में देश को बदनाम करने दुष्प्रचार और जलती लाशों की फोटो दिखाने का कांग्रेस षड्यंत्र कर रही है। ऐसी ही पोस्ट संबित पात्रा ने भी की थी। इसके बाद युवा कांग्रेस के नेताओं ने रमन सिंह व संबित पात्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया था। एफआईआर के विरोध में भाजपा नेताओं ने बाकायदा हैशटैग ‘भूपेश- मुझे भी गिरफ्तार करो’ के जरिए अभियान चलाते हुए प्रदेशभर में अपने निवास के सामने बैठकर धरना दिया था। सभी जिला मुख्यालयों में भाजपा नेताओं के साथ पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और राजेश मूणत गिरफ्तारी देने थाना पहुंचे थे।
पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह व भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत
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