बलरामपुर। विकासखण्ड वाड्रफनगर के श्री रामईश्वर अपने पुत्र अशोक को आईआईटी जेईई की परीक्षा हेतु रायपुर रवाना करने संयुक्त जिला कार्यालय भवन पहुंचे थे। रामईश्वर ने बताया कि कोविड-19 के कारण परिवहन सेवाएं स्थगित हैं ऐसे में परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र तक जाने में निजी वाहनों की आवश्यकता होती। लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आईआईटी एवं नीट की परीक्षा तिथि की घोषणा के साथ ही परीक्षार्थियों को परीक्षा से वंचित न होना पड़े, इसलिए नि:शुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाई है। परीक्षा देने जा रहे अशोक के चेहरे पर इस बात की खुशी है कि कठिन परिस्थिति में भी प्रदेश के मुखिया ने उनका साथ नहीं छोड़ा बल्कि आगे आकर संवेदना का परिचय देते हुए वाहन की व्यवस्था की है। ज्ञात है कि आईआईटी जेईई की परीक्षाएं 1 सितम्बर से प्रारंभ हो चुकी है तथा राज्य में भिलाई, रायपुर एवं बिलासपुर में 5 परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं। वर्तमान में परिवहन सेवाएं सुचारू रूप से प्रारंभ नहीं हुई है, ऐसे में परीक्षा केन्द्र तक आवागमन के लिए उपयुक्त परिवहन व्यवस्था न होने के कारण छात्रों को कठिनाई हो सकती थी। छात्रों के लिए निजी वाहनों के माध्यम से परीक्षा केन्द्र तक पहुंच पाना और भी असंभव था। छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने त्वरित निर्णय लेकर परीक्षार्थियों के लिए नि:शुल्क परिवहन व्यवस्था उपलब्ध करवाई है। अब मनेश्वर और अशोक जैसे हजारों छात्रों को परीक्षा से वंचित होने का डर नहीं है वे समय पर परीक्षा में शामिल हो पायेंगे। ऐसा ही कुछ कहना है विकासखण्ड कुसमी के रहने वाले मनेश्वर का जो जेईई की परीक्षा देने बिलासपुर गए है। मनेश्वर ने बताया कि बस न चलने के कारण डर था कि शायद इस बार परीक्षा नही दे पाएंगे और पिताजी भी इसी बात से चिंतित थे। मनेश्वर के पिता हरिलाल ने भी यही बात कहते हुए अपनी स्थिति बताई। किंतु अब वाहन की व्यवस्था हो गई है और मनेश्वर अब परीक्षा देने जा रहे हैं। छात्रों के भविष्य की चिंता करते हुए राज्य शासन ने सरहानीय पहल की है। सीमित समय में छात्र हित में लिया गया शासन का यह निर्णय शिक्षा के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।
जेईई छात्रों के लिए नि:शुल्क परिवहन व्यवस्था, अशोक और मनेश्वर जैसे हजारों परीक्षार्थियों की चिन्ता दूर
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