नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. तीन महीने से सैलरी न मिलने को लेकर शिकायत लेकर कमिश्नर के ऑफिस के बाहर धरने पर बैठा एक क्लर्क धरना स्थल से तो भागा ही साथ ही महज डेढ़ साल के अपने दो जुड़वा बेटों को उसी ऑफिस के बाहर छोड़ गया. जमीन पर बैठे दोनों बच्चे कई घंटे तक अपने पिता को खोजते हुए इधर-उधर ताकते रहे. पुलिस के मुताबिक गोकुल पुरी के गंगा विहार की को-ऑपरेटिव सोसाइटी में क्लर्क का काम करने वाला नरेश कई महीनों से परेशान था. उसे पिछले तीन महीने से सैलरी नही मिली थी. जिसको लेकर वह कई बार अपनी सोसायटी में बात कर चुका था. इस संबंध में वह कई बार आईएएस अधिकारी के एस मीणा से भी मिलने की कोशिश कर चुका था. शुक्रवार को भी वह अधिकारी से मिलने यहां आया. जहां उसने सैलरी दिलाने की मांग की. उसने कहा कि उसके पास खाना खाने के लिए भी पैसे नहीं हैं. वह अपने दोनों बच्चों को कैसे पाले. इस पर अधिकारी ने उससे कहा कि यह उसके ऑफिस का मामला है और वह वहीं जाकर बात करे. इस पर नरेश वहीं धरने पर बैठ गया. जैसे ही उसको धरने से उठाने के लिए पुलिस आई तो वह अपने दोनों छोटे-छोटे जुड़वा बच्चों को छोड़कर वहां से फरार हो गया. पुलिस का कहना है कि दोनों बच्चे जमीन पर बैठे काफी देर तक अपने पिता का इंतजार करते रहे. आखिरकार पुलिसकर्मियों ने और अन्य कर्मचारियों ने बच्चों को खाने-पीने की चीजें दीं और रोने नहीं दिया. दोनों बच्चे सिविल लाइंस थाना पुलिस के पास हैं वही उनको संभाल रही है. इसके साथ ही देर शाम तक बच्चों के पिता का फोन लगाया गया लेकिन वह स्विच ऑफ आया. फिलहाल पुलिस दोनों मासूम बच्चों को सौंपने के लिए नरेश को तलाश रही है.
शख्स को धरने से उठाने आई थी पुलिस अब उसके जुड़वा बच्चों को संभाल रही
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