रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के ग्राम जंगलपुर के युवा किसान सौरभ जंघेल को आयस्टर मशरूम उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया है। श्री जंघेल को यह राष्ट्रीय सम्मान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के मशरूम अनुसंधान निदेशालय सोलन हिमाचल प्रदेश द्वारा आयोजित वर्चुअल मशरूम मेले में प्रदान किया गया है। युवा आयस्टर मशरूम उत्पादक कृषक श्री सौरभ जंघेल कृषि महाविद्यालय, रायपुर के मशरूम अनुसंधान प्रयोगशाला से प्रशिक्षण प्राप्त कर एवं केन्द्र के वैज्ञानिकों डॉ. सी.एस. शुक्ला, एच.के. सिंह, डॉ. नरेन्द्र लाकपाले, डॉ. ए.एस. कोटस्थाने एवं डॉ. एम.पी. ठाकुर के कुशल मार्गदर्शन में विगत तीन वर्षों से मशरूम उत्पादन एवं विपणन का कार्य कर रहे हैं। इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय रायपुर से प्रशिक्षित कृषक श्री जंघेल मशरूम अनुसंधान प्रयोगशाला से शुद्ध कलचर प्राप्त कर एवं मशरूम स्पान (बीज) तैयार कर जिले के कृषकों को बीज उपलब्ध करा रहे हैं। मशरूम उत्पादन एवं विपणन पश्चात बचे हुए अवशिष्ट से केंचुआ खाद एवं जैविक खाद बनाने का कार्य भी इनके द्वारा किया जा रहा है। श्री सौरभ जंघेल छत्तीसगढ़ के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणादयी बन रहे हैं एवं उनके माध्यम से अन्य महिला स्व-सहायता समूहों ने भी मशरूम उत्पादन एवं विपणन का कार्य प्रारंभ किया है। उल्लेखनीय है कि विगत तीन वर्षो से इंदिरा गांधी कृषि विष्वविद्यालय के मशरूम वैज्ञानिको के प्रयास एवं मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ के मशरूम उत्पादकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों एवं प्रदेश में मषरूम के प्रचार प्रसार में योगदान हेतु राष्ट्रीय पटल पर मशरूम अनुसंधान निदेशालय द्वारा सम्मानित किया गया है। वर्ष 2018 एवं 2019 में भी क्रमश: चोवाराम साहू ग्राम मेघा, धमतरी तथा राजेन्द्र कुमार साहू ग्राम पठियापाली, बसना को आयस्टर, पैरा एवं सफेद दूधिया मशरूम उत्पादन, बीज उत्पादन प्रसंस्कृत पदार्थ एवं विपणन में उत्कृष्ट कार्य हेतु राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया जा चुका है।
Next Article फटा बम कोरोना…तो फिर याद आया लॉकडाउन…!
Related Posts
Add A Comment


















