राजनांदगांव। कोरोना और कुपोषण से जंग जीतने के लिए राजनांदगांव जिले में जबर्दस्त एकजुटता दिखाई दे रही है। अपनी-अपनी जिम्मेदारी व कर्तव्य के प्रति हर कोई सजग दिखाई दे रहा है और संभवत: इसी का सुखद परिणाम है कि कई लोग कोरोना को मात देकर अब फिर से उठ खड़े हुए हैं। बच्चों को भी भरपूर पोषण आहार मिल रहा है। कोरोना काल में कोरोना वॉरियर्स की संजीदगी देखते ही बन रही है। कोरोना महामारी के जाल से लोगों को सुकशल बाहर निकालने के लिए विशेषकर अस्पताल से जुड़े लोगों ने अपना दिन-रात एक कर दिया है, जिसका अच्छा परिणाम भी आया है और अब तक जिले के 2677 कोरोना पॉजिटिव मरीज स्वस्थ होने के उपरांत अस्पताल से डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। इसी तरह डोंगरगांव ब्लॉक के ग्राम छिडो की 95 वर्षीय बुजुर्ग आदिवासी महिला मुनगा बाई ने कोरोना संक्रमण की बीमारी को मात दी है। अस्पताल कर्मचारियों के समर्पण भाव से देख-रेख व अपनी मजबूत इच्छाशक्ति से वे ऐसा कर सकीं। कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर वे कोविड-19 केयर सेंटर डोंगरगांव में भर्ती थीं, जहां डॉक्टर की निगरानी में वे स्वस्थ हुईं। उन्हें कोविड-19 केयर सेंटर से डिस्चार्ज कर दिया गया है। इस संबंध में सीएमएचओ राजनांदगांव डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा लोगों को कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन करने और सावधान रहने कहा है। डॉ. चौधरी ने कहा कि कोरोना से डरना नहीं है, बल्कि इससे लडऩा है। खुद और परिवार को संक्रमण से बचाने के लिए मास्क जरूर लगाएं और सार्वजनिक स्थलों पर दो गज की दूरी बनाए रखें। हाथ को बार-बार साबुन से धोएं। बाहर किसी जरूरी काम से निकले हैं तो हाथों को सैनिटाइज करें।
इधर, रेस्क्यू कर बच्चों को दिया संरक्षण
बच्चों के सुपोषण के मामले में शहर के पेंड्री क्षेत्र के अटल आवास में अच्छा प्रयास हुआ है। यहां एक परिवार के 6 बालकों की देख-रेख एवं संरक्षण के अभाव की सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर बच्चों को संरक्षण में लिया। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश तथा आईसीपीएस एवं आईसीडीएस की संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर संरक्षण की कार्रवाई की। रेस्क्यू के दौरान आसपास के मोहल्ले के लोगों, मितानिन तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि बच्चों की मां बच्चों को नानी के भरोसे बर्तन व चौका कार्य करने चली जाती है तथा रात्रि 8 बजे तक वापसी आती है। नानी उन बच्चों की बेहतर ढंग से देख-रेख नहीं कर पाती है। यहां सबसे छोटे 2 बच्चों को अतिकुपोषित होना पाया गया और इस पर तत्काल बच्चों की सुरक्षात्मक उपाय को ध्यान में रखते हुए इन दोनों बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र राजनांदगांव में भर्ती कराया गया है। बच्चों की नानी अस्पताल में है। बच्चों की नानी ने बताया कि लगातार रेडी-टू-ईट एवं सूखा राशन मिलता रहा है। बालकों के पोषण स्तर में सुधार आने तथा माता-पिता द्वारा अपने बच्चों को रखने की समर्थता के आधार पर बच्चों को सुपुर्दगी की कार्रवाई की जाएगी।
पहला कोविड केयर सेंटर, जहां डिस्पोजेबल बेडशीट
राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव एवं आसपास के गांवों में कोरोना संक्रमण की गति को देखते हुए और अधिक कोविड केयर सेंटर की आवश्यकता महसूस की जा रही है। ऐसे में समाजिक कार्यकर्ता एवं कवि प्रतुल कुमार वैष्णव के द्वारा नगर में नि:शुल्क कोविड केयर सेंटर प्रारंभ किया जा रहा है। इस सेंटर में प्रतुल कुमार वैष्णव के द्वारा निजी व्यय से दस बेड, मैट्रेस, तकिया सहित प्रत्येक बेड के साथ ड्रिप स्टैंड, ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, नेबुलाइजर, मोबाइल चार्जर, शतरंज, लूडो आदि उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रसिद्घ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. गीतेश अमरोहित तथा ब्लॉक कोविड प्रभारी होरीलाल साहू के मार्गदर्शन में यह सेंटर संचालित होगा। कोविड केयर सेंटर के संचालन के लिए नवनिर्मित वृद्घाश्रम भवन का चयन किया गया है। इस संबंध में प्रतुल कुमार वैष्णव ने बताया कि यह प्रदेश का पहला कोविड सेंटर होगा, जहां डिस्पोजेबल बेडशीट उपलब्ध कराई जाएगी। कोरोना मरीज को उत्साहित एवं सकारात्मक भी रखना आवश्यक है, जिसके लिए इस कोविड सेंटर में खेल सामग्री, पुस्तकें आदि भी उपलब्ध होंगी। मरीजों को योग एवं व्यायाम कराने की भी व्यवस्था की जाएगी। आगामी 25 सितंबर को कोविड केयर सेंटर का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस कार्य में सहयोग के लिए सभी से अपील भी की गई है।
गांवों में भी अब स्वस्फूर्त लॉकडाउन
कोरोना को हराने के लिए छुईखदान क्षेत्र के गांवों में भी अब स्वस्फूर्त लॉकडाउन होने लगा है। ग्राम घिरघोली के ग्रामवासियों ने एकजुट होकर लॉकडाउन करने का निर्णय लिया है। सरपंच संतोष जंघेल ने बताया गांव में यह लॉकडाउन 20 सितंबर से प्रभावशील है, जो 25 सितंबर तक रहेगा। लॉकडाउन के दौरान कृषि संबंधी कार्य, गांव में बाहरी के प्रवेश रोक, बिना जरूरी कार्य के लोगों का दूसरे गांव जाने पर रोक रहेगी। गांव में किराना दुकान, सैलून, होटल, वेल्डिंग दुकान, सायकल स्टोर सभी बंद रहेंगे। गांव के प्रवेश मार्गों को बास बल्ली लगा कर बंद कर दिया गया है। स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच करा सकता है। मेडिकल स्टोर खुला रहेगा। उन्होंने बताया कि अभी तक ग्राम घिरघोली कोरोना के संक्रमण से सुरक्षित है। भविष्य में गांव में भी संक्रमण न फैले, इस दृष्टि से लॉकडाउन किया गया है।

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