रायपुर। ट्रेड यूनियनों का 23 सितबर को देशव्यापी प्रतिरोध-निजीकरण और श्रम कानून में बदलाव का जबर्दस्त विरोध देश के अन्य समस्त केंद्रीय ट्रेड यूनियन, राज्य, केंद्र, बैंक, बीमा और अन्य क्षेत्र के कर्मचारी संगठन केन्द्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों, श्रम कानूनों में बदलाव और निजीकरण की मुहिम का तीव्र विरोध करते हुए संसद में इससे सम्बन्धित विधेयकों का आज 23 सितम्बर को समूचे देश में पुरजोर विरोध किया गया। संयुक्त विज्ञप्ति में यह जानकारी देते हुए कहा गया कि केंद्र की सरकार आपदा के समय लोगो की मदद करने की बजाय इसे पूंजीपतियों के लिए अवसर में बदलकर देश के मजदूर वर्ग को गुलाम बनाने के रास्ते पर आमादा है। इसके लिए वह संसद तक का दुरुपयोग कर रहे है जिसके खिलाफ समूचे देश के मजदूर कर्मचारी संगठनों द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया। इंटक, एटक, सीटू, एकटु, एचएमएस, छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ, छत्तीसगढ़ जीवन बीमा, रेलवे कर्मचारियों के संगठन के प्रतिनिधि शामिल हुए। केन्द्र सरकार के द्वारा सार्वजनिक उद्योग एवं वित्तीय संस्थानों को निजीकरण किए जाने के अभियान को रोकने के लिए केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के द्वारा आज 23 सितंबर 2020 को राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस मनाया गया। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए कोरोना वायरस की महामारी से लडऩे के लिए बनाए गए नियमों को पालन करते हुए पूरे राज्य में संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया। चूंकि राज्य में कोविड-19 का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है और उसी के संदर्भ में राज्य के कई जिलों में लॉकडाउन का ऐलान किया गया है, उसको पालन करते हुए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कार्यस्थल, यूनियन कार्यालय परिसर, अपने घरों और सार्वजनिक स्थलों पर विरोध प्रदर्शन किया गया। उल्लेखनीय है कि 3 लेबर कोड को लोकसभा में वापस लेने के बाद केन्द्र सरकार ने शनिवार को ही आनन फानन में नए नाम से 3 लेबर कोड को पुन: लोकसभा में पेश कर दिया।
पहले वाले लेबर कोड का नाम मे 2019 जुड़ा हुआ था। नए वाले में 2020। नए नाम हैं
1-कोड ऑन इंडस्ट्रियल रिलेशन 2020
2-कोड ऑन सोसल सेकुरिटी 2020
3-कोड ऑन ओक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन्स 2020
3 लेबर कोडों की वापसी की घोषणा के कुछ ही घंटों में अफरातफरी में 3 लेबर कोडो को नए नाम से लोकसभा में पेश कर दिया गया।कोड ऑन सोसल सेकुरिटी 2020 का तो प्रस्तावना तक भी खाली है। इस बावत श्रम मंत्री ने कहा कि इसका प्रस्तावना अभी तैयार हो रहा है। यानी वगैर प्रस्तावना के बिल पटल में रखा गया, प्रदेश में इसका तीव्र विरोध किया गया इसकी प्रतियां भी जलाई गई। ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने जबर्दस्त प्रतिरोध किया है। संयुक्त मंच ने प्रदेश के एनएचएम मजदूरों के आंदोलन का भी समर्थन करते हुए प्रदेश सरकार से दमन के बजाय उनसे बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान किए जाने की मांग की। संयुक्त मंच द्वारा नरेंद्र सिंह चन्द्राकर कर्मचारी भवन बुढ़ापारा रायपुर प्रांगण मेंं प्रतियां जलाकर प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष राकेश साहू, उपाध्यक्ष गजेश यदु, अभिमन्यु वर्मा, संयुक्त मंच के लीडर डी महापात्र, भट्टाचार्य, सुरेन्द्र शर्मा, प्रदीप मिश्रा, राजेश चटर्जी, सुखीराम धृतलहरे, प्रकाश शुक्ल, भीमलाल, सीएल साहू, आलोक पांडेय, महेश शर्मा, जितेंद्र ठाकुर, रामसागर छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के अन्य जिलों के साथी प्रर्दशन में शामिल हुए। इसके अलावाा राजेंद्र चन्द्राकर, अशोकपुरी गोस्वामी, लखन लाल साहू, दिलीप चन्द्रवंशी, अर्जुन क्षत्रीय, अनंत सिन्हा, प्रकाश जाधव, पीआर कौशिक, विश्वास गोवर्धन, केपी नायक, एसके दास, श्रीमती उत्तरा नायडू, रविशंकर नेताम, थानेश्वर सिंह, दयानंद चौबे, लिकेश वर्मा मौजूद रहे।
निजीकरण एवं श्रम नीति में बदलाव का विरोध, जोरदार विरोध प्रदर्शन
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