बीजापुर। बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम आश्रम शाला में रहने वाले बच्चों में से 23 बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। एक साथ इतने बच्चों के बीमार पड़ने से आश्रम शाला प्रबंधन और स्टाफ के तो होश ही उड़ गए। आशंका भी होने लगी कि कहीं कोई अदृश्य शक्ति तो परेशान नहीं कर रही है। झाड़-फूंक का दौर भी शुरू हो गया था। हालांकि बच्चों को डाक्टर के पास ले जाकर इलाज कराया गया है। इलाज के साथ ही अदृश्य शक्ति के प्रकोप से बचने झाड़- फूंक भी कराया गया है।

शुक्रवार को भोपालपटनम स्थित बालक आश्रम शाला में 23 बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। एक साथ इतने बच्चों के बीमार पड़ने से आश्रम शाला प्रबंधन के साथ ही स्टाफ की भी परेशानी बढ़ गई थी। समझ में नहीं आ रहा था कि एक साथ इतने बच्चे बीमार कैसे पड़ सकते हैं। बच्चों के बीमार पड़ते ही प्रबंधक ने सुबह के वक्त भोजन की पड़ताल की। भोजन तो ठीक बना था। रात का भोजन बच्चे नहीं किए थे। उस वक्त मेस में भोजन बनाने की तैयारी चल रही थी। प्रबंधक के साथ ही स्टाफ को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर कारण क्या हो सकता। भूत प्रेत की आशंका और डर ने प्रबंधन को हिला कर रख दिया था। आनन-फान पहले तो बच्चों को झाड़-फूंक कराया गया। इसी बीच स्टाफ ने स्थानीय चिकित्सकों को इसकी सूचना दी व आश्रम शाला में बीमार बच्चों के इलाज के लिए आने का आग्रह किया। चिकित्सक कुछ ही देर बाद आश्रम शाला पहुंच गए थे और उसके बाद बच्चों का इलाज प्रारंभ किया।

यह घटना उस समय घटी जब बच्चे शाम के समय प्रार्थना कर रहे थे। पहले तो अचानक से पांच-छह बच्चे चक्कर खाकर गिर पड़े, और देखते ही देखते बाकी बच्चे भी चक्कर खाकर गिरने लगे। चिकित्सक का कहना है कि बच्चों में अचानक डर के कारण बीमार पड़ने की घटना हिस्टिरया की बड़ी वजह होती है।

अदृश्य शक्ति का डर,आशंका भी
अस्पताल में इलाज के बाद भी आश्रम में कुछ लोग भूत-प्रेत के साए को लेकर आशंका जता रहे हैं। एक साथ 23 बच्चों के बीमानरन पड़ने के पीछे कोई ना कोई कारण हो सकता है। लिहाजा अधीक्षक ने बच्चों के इलाज के साथ-साथ झाड़-फूंक भी करवाई। हालांकि, डॉक्टरों ने किसी प्रकार के भूत-प्रेत या अदृश्य शक्तियों की कोई पुष्टि नहीं की है।

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