ईएमआई, होम लोन चुकाने वालों के लिए यह काम की खबर है। अगर आप हर महीने किसी लोन की किश्त भरते हैं तो आपको अच्छे से पता होगा कि इसी महीने सरकार ने लोन मोरेटोरियम को लेकर राहत देना शुरू किया है। इस क्रम में दो तरह से सुविधा दी जा रही है। पहला, लोन मोरेटोरियम की अवधि के दौरान तय की गई ब्याज पर ब्याज माफी की राशि अब खातों में वापस भेजी जाना शुरू कर दी गई है। दूसरा, 5 नवंबर से उन ग्राहकों के खातों में कैशबैक दिया जाना शुरू हुआ है जिन्होंने लॉकडाउन में समय पर किश्तें चुकाईं थीं। हालांकि इस कैशबैक के दायरे में वे लोग, कारोबारी शामिल हैं जिन्होंने 2 करोड़ रपए तक ही सीमा का लोन लिया था। लेकिन यदि आप इस दायरे में आते हैं और आपके पास अभी तक कैशबैक या मोरेटोरियम का पैसा नहीं आया है तो आप सोच रहे होंगे कि इसकी वजह क्या है। आइये संक्षिप्त में समझते हैं।
यह थी ब्याज पर ब्याज माफी की योजना
केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान आम लोगों, कारोबारियों को बड़ी राहत दी थी। इसके तहत आरबीआई ने 1 मार्च से 31 अगस्त तक की अवधि के लिए लोन मोरेटोरियम का लाभ देने की घोषणा की थी। यानी 6 महीने तक ब्याज पर ब्याज की राशि वापस करने पर सरकार ने भी सहमति दी थी। सरकार की इस योजना के लाभ के दायरे में पर्सनल लोन, प्रोफेशनल लोन, कंज्म्पशन लोन, क्रेडिट कार्ड बकाया, एजुकेशन लोन, होम लोन, हाउसिंग कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एमएसएई यानी सूक्षम, लघु एवं मध्यम उद्योग आदि सीधे तौर पर आते थे।
यह थी इसकी शर्त
लोन मोरेटोरियम का लाभ लेने के लिए यह शर्त थी कि गत 29 फरवरी 2020 की तारीख तक लोन खाता स्टैंडर्ड होना चाहिये। इसका अर्थ यह है कि इस तारीख तक कर्ज खाता हृक्क्र घोषित ना किया गया हो। इसके बाद 1 मार्च से 31 अगस्त की अवधि के बीच बकाया कर्ज पर ही इस योजना का लाभ मिलेगा। वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में यह जानकारी दी है। इसके लिए बैंक सबसे पहले अपने ग्राहकों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर स्रूस् भेजकर सूचना भी दे रहे हैं। इस माध्यम से ग्राहकों को यह पता चल पा रहा है कि वे कितनी राशि पाने की पात्रता रखते हैं या उन्हें कितनी राशि का भुगतान हो चुका है।
किसे चुकाना होगा कितना ब्याज
वे लोग जिन्होंने लोन मोरेटोरियम के ऑप्शन को चुना था, उन्हें अब केवल साधारण ब्याज ही देना होगा। इसके अलावा चक्रवृद्धि ब्याज की राशि को वित्तीय संस्थान माफ कर देगा। हालांकि किसी भी उधारकर्ता ने इस अवधि में दोबारा भुगतान नहीं किया है तो उन्हें कैशबैक की पात्रता नहीं होगी। केंद्र सरकार ने इस योजना को इस तरह तैयार किया है कि जो भी उधारकर्ता समय पर पैसा चुका रहे थे, वे इसके लाभ से वंचित ना रह जाएं।
बैंक ऐसे कर रहे हैं भुगतान
जहां तक बैंकों की बात है, बैंक अपनी तरफ से उधार लेने वाले लोगों के खातों में कैशबैक की राशि को जमा करा रहे हैं। यदि किसी ग्राहक ने लोन मोरेटोरियम की अवधि में भी अपना रीपेमेंट जारी रखा है तो उन्हें जरूर इस कैशबैक को पाने की पात्रता है। ब्याज पर ब्याज माफी की राशि का कैल्कुलेशन करने के बाद फाइनल अमाउंट उनके खातों में जमा करा दिया जाएगा।
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