जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों की बेहतरी के लिए उठाए गए कदमों से किसानों के चेहरे पर खुशहाली नजर आ रही है। छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासतों को सहेजते हुए मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने जमीनी हकीकतों पर केन्द्रित विकास का छत्तीसगढ़ी माडल विकसित किया, जिसके केन्द्र में किसान, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और जरूरतमंद लोग हैं। उन्होंने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का नारा दिया। अपने छत्तीसगढ़ी माडल में छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी के विकास को किसानों की आर्थिक समृद्धि का माध्यम बनाया है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ग्रामीण परिवेश में पले बढ़े हैं इसलिए वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नब्ज को भली भांति पहचानते हैं। किसानों की कठिनाईयों, उनकी आवश्यकताओं और खेती-किसानी की उन्हें गहरी जानकारी है। वे गांव की सामाजिक आर्थिक स्थिति और वहां के जनजीवन से भी बखूबी वाकिफ हैं। उन्होंने सबसे पहले गांव, किसान और मजदूर की ओर ध्यान दिया। उन्होंने जमीनी हकीकतों पर आधारित अनेक व्यावहारिक योजनाएं शुरू की, जिनके परिणाम दिखने लगे हैं।
राजीव गांधी किसान न्याय योजना-किसानो को मिला 2500 रूपये प्रति क्विंटल धान का मूल्य-
राज्य सरकार ने किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए 25 सौ रूपए धान की कीमत देने, कर्जमाफी और सिंचाई कर माफ कर दिया। इसके चलते खेती से विमुख हो रहे लोगों ने फिर से खेती की ओर रूख किया। इसका लाभ खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 मे जांजगीर चांपा जिले के 1लाख 69 हजार 46 किसानो को मिला। धान का समर्थन मूल्य 1815 रूपये प्रति किं्वटल की दर से भुगतान किया गया। किसानों को 2500 रूपये प्रति क्विंटल की दर से लाभ दिलाने के लिए शेष राशि का राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से 4 किश्तो में 5,38,87,52,369 रूपये का भुगतान किया जा रहा है। जिसके तीन किश्तों का लाभ किसानों को मिल चुका है। न्याय योजना से किसानों में आई समृद्धि से वे अपने कृषि कार्य का विस्तार कर रहे हैं। किसानों के परिवारों मे खुशी का माहौल है। कोरोना संक्रमण काल में भी किसानों को किसी प्रकार की आर्थिक दिक्कत का सामना करना नहीं पड़ा है।
गोधन न्याय योजना – पशुपालक किसानो को मिला – 22,61,81,172 रूपयें गोबर का मूल्य-
राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए सुराजी गांव योजना लागू की गई हैं। देश दुनियां में पहली बार गोबर की खरीदी के लिए गोधन न्याय योजना छत्तीसगढ़ की सरकार ने शुरू की। सरकार के इस साहसिक कदम ने पशुपालकों को आर्थिक संबल दिया। गांवों में गौठान और रोका – छेका की व्यवस्था ने दूसरी और तीसरी फसल की राह खोल दी। गोधन न्याय योजना के माध्यम से जिले के 240 गौठानों के माध्यम से गोबर खरीदी की जा रही है। विगत 20 जुलाई 31 अक्टूबर तक 1,13,09,086 किलो ग्राम गोबर की खरीदी की गई है। पशुपालक किसानों को 22,61,81,172 रूपयें का भुगतान किया जा चुका है।
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