भोपाल : पटरियों पर दौड़ती नर्मदा एक्सप्रेस बुधवार को एक ऐसी रूह कंपा देने वाली साजिश की गवाह बनी, जिसने मां-बच्चे के पवित्र रिश्ते को सरेआम शर्मसार कर दिया। दोपहर के 4 बज रहे थे, ट्रेन अपनी पूरी रफ्तार में थी, तभी एक रहस्यमयी महिला ने ममता का ऐसा स्वांग रचा कि सुनने वालों के रौंगटे खड़े हो गए। उसने अपने महज 15 दिन के कलेजे के टुकड़े को एक अजनबी युवती के हवाले किया और खुद गायब हो गई।
अनूपपुर की रहने वाली कांति पनिका नर्मदापुरम से भोपाल की ओर आ रही थी। सफर के दौरान उसके बगल में बैठी करीब 30 साल की एक शातिर महिला ने बड़ी ही मासूमियत से कांति का भरोसा जीता। अचानक उसने अपनी गोद से बिलखते हुए नवजात को कांति की बाहों में डाल दिया और कहा कि बहन, जरा इसे पकड़ना, मैं टॉयलेट होकर आती हूं। कांति ने इंसानियत के नाते बच्चे को थाम लिया, लेकिन उसे क्या पता था कि वह जिसे ‘मां’ समझ रही है, वह असल में एक शिकारी थी जो अपने ही बच्चे का शिकार कर रही थी।
मिनट घंटों में बदल गए, ट्रेन स्टेशन दर स्टेशन रुकती रही, लेकिन वह पत्थर दिल औरत वापस नहीं लौटी। कांति ने पूरी ट्रेन छान मारी, चीखी-चिल्लाई, लेकिन वह महिला जैसे धुएं की तरह गायब हो चुकी थी। कांति उस मासूम को लेकर रानी कमलापति स्टेशन पर उतरी और अपने होटल पहुंची, वहां से उसने पुलिस को खबर दी।
कोलार पुलिस ने बच्चे को अपनी सुरक्षा में लिया है । अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह रहस्यमयी औरत कौन थी? क्या वह बच्चे की सगी मां थी या कोई किडनैपर? पुलिस अब नर्मदापुरम से भोपाल तक के हर प्लेटफॉर्म के सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है ताकि उस ‘साया’ जैसी महिला का चेहरा बेनकाब हो सके।














