जम्मू-कश्मीर में नए साल की सुबह खौफ के साथ शुरू हुई. अभी नए साल का जश्न मनाकर लोग सोए ही थे कि 1 जनवरी की अलसुबह धरती डोल उठी. कश्मीर घाटी और हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, भूकंप के यह झटके 1 जनवरी 2026 को सुबह 04:42 बजे महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.0 मापी गई है. इसका केंद्र हिमाचल प्रदेश का चंबा जिला था, जो जमीन की सतह से 5 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था. भले ही तीव्रता कम थी, लेकिन सुबह के सन्नाटे में महसूस हुए इन झटकों ने लोगों को डरा दिया.
कश्मीर के कई हिस्सों में जैसे ही धरती हिली, लोग गहरी नींद से जाग गए. कड़ाके की ठंड और माइनस तापमान के बावजूद, घबराए हुए लोग अपनी जान बचाने के लिए कंबल ओढ़कर घरों से बाहर खुले स्थानों की ओर भागे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झटके कुछ सेकंड तक महसूस हुए, लेकिन दहशत के कारण लोग काफी देर तक अपने घरों में वापस नहीं गए. राहत की बात यह है कि प्रशासन के मुताबिक अभी तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान या बड़ी क्षति की सूचना नहीं मिली है.
भूकंप आने पर क्या करें? (बचाव के उपाय)
भूकंप एक प्राकृतिक आपदा है जिसे रोका नहीं जा सकता, लेकिन सही समय पर सही कदम उठाकर जान बचाई जा सकती है. आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप के दौरान इन बातों का विशेष ध्यान रखें:-
1. घबराएं नहीं (Don’t Panic): सबसे पहले खुद को शांत रखें. भगदड़ मचने से चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है.
2. ‘ड्रॉप, कवर और होल्ड’ (Drop, Cover, and Hold): जैसे ही झटके महसूस हों, तुरंत जमीन पर झुक जाएं. किसी मजबूत मेज या बेड के नीचे छिप जाएं और उसे कसकर पकड़ लें ताकि गिरती हुई चीजों से सिर और शरीर का बचाव हो सके.
3. कांच और खिड़कियों से दूर रहें: घर के अंदर शीशे, खिड़कियों, भारी अलमारियों और पंखों से दूर हट जाएं.
4. लिफ्ट का इस्तेमाल न करें: अगर आप बहुमंजिला इमारत में हैं, तो नीचे उतरने के लिए लिफ्ट का प्रयोग बिल्कुल न करें. हमेशा सीढ़ियों का ही इस्तेमाल करें.
5. खुले मैदान में जाएं: अगर आप घर से बाहर हैं, तो ऊंची इमारतों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर किसी खुले मैदान में चले जाएं.
6. गाड़ी रोक दें: यदि आप वाहन चला रहे हैं, तो उसे किसी सुरक्षित और खुली जगह पर रोक दें और झटके रुकने तक अंदर ही रहें.














