डेस्क : दूध को सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। बचपन से ही हमें रोज एक गिलास दूध पीने की सलाह दी जाती है। दूध कैल्शियम, प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने, बच्चों के विकास और शरीर को एनर्जी देने में मदद करता है। आमतौर पर सुबह या शाम के समय दूध पीना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है, लेकिन कुछ लोगों के लिए रात को सोने से पहले दूध पीना नुकसानदायक भी हो सकता है। ऐसे लोगों को रात में दूध पीने से बचना चाहिए।
ज्यादा वजन या मोटापे से परेशान लोग
जो लोग वजन कम करना चाहते हैं या मोटापे से परेशान हैं, उन्हें रात को सोने से पहले दूध पीने से बचना चाहिए। दूध में मौजूद फैट और कैलोरी दिन के मुकाबले रात के समय शरीर में ज्यादा आसानी से जमा हो जाती हैं, क्योंकि इस दौरान शरीर की गतिविधियां कम होती हैं। इससे कैलोरी बर्न नहीं हो पाती और वजन बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए मोटापा कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए रात में दूध पीना नुकसानदायक हो सकता है।
साइनस और खांसी की समस्या वाले लोग
साइनस, जुकाम या पुरानी खांसी की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए रात में दूध पीना नुकसानदायक हो सकता है। दरअसल, दूध पीने से शरीर में बलगम (म्यूकस) का निर्माण बढ़ सकता है, जो रात के समय गले और सांस की नलियों में जमा हो जाता है। इससे सांस लेने में दिक्कत, गले में भारीपन और खांसी बढ़ने की समस्या हो सकती है, इसलिए ऐसे लोगों को सोने से पहले दूध पीने से परहेज करना चाहिए।
शुगर (टाइप-2 डायबिटीज) के मरीज
टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को रात में दूध पीने से परहेज करना चाहिए। दूध में लैक्टोज नाम की प्राकृतिक शुगर मौजूद होती है, जो सोने से पहले लेने पर ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकती है। रात के समय शरीर की सक्रियता कम होने के कारण शुगर आसानी से नियंत्रित नहीं हो पाती, जिससे सुबह तक ब्लड शुगर हाई रहने का खतरा बढ़ जाता है।
लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोग
जिन लोगों को लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या होती है, उनके लिए दूध पीना नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे लोगों का शरीर दूध में मौजूद लैक्टोज को सही तरीके से पचा नहीं पाता, जिससे दूध पीने के बाद पेट दर्द, गैस, सूजन, अपच या दस्त जैसी परेशानियां हो सकती हैं। खासकर रात के समय यह समस्याएं ज्यादा बढ़ सकती हैं, इसलिए लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोगों को दूध से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
शुगर (टाइप-2 डायबिटीज) के मरीज
टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को रात में दूध पीने से परहेज करना चाहिए। दूध में लैक्टोज नाम की प्राकृतिक शुगर मौजूद होती है, जो सोने से पहले लेने पर ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकती है। रात के समय शरीर की सक्रियता कम होने के कारण शुगर आसानी से नियंत्रित नहीं हो पाती, जिससे सुबह तक ब्लड शुगर हाई रहने का खतरा बढ़ जाता है।
लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोग
जिन लोगों को लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या होती है, उनके लिए दूध पीना नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे लोगों का शरीर दूध में मौजूद लैक्टोज को सही तरीके से पचा नहीं पाता, जिससे दूध पीने के बाद पेट दर्द, गैस, सूजन, अपच या दस्त जैसी परेशानियां हो सकती हैं। खासकर रात के समय यह समस्याएं ज्यादा बढ़ सकती हैं, इसलिए लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोगों को दूध से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
दूध सेहत के लिए फायदेमंद जरूर है, लेकिन हर समय और हर व्यक्ति के लिए नहीं। अगर आपको ऊपर बताई गई कोई समस्या है, तो रात में दूध पीने से बचें और जरूरत हो तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।














