सोलन: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ पुलिस थाने के पास गुरुवार को हुए धमाके की जिम्मेदारी दो प्रतिबंधित आतंकी संगठनों ने ली है। बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) और पंजाब सॉवरेनिटी अलायंस (पीएसए) ने शुक्रवार को इस धमाके की जिम्मेदारी ली। सोशल मीडिया पोस्ट और एक बयान में इन संगठनों ने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश में कथित तौर पर तैयार की जा रही सिंथेटिक ड्रग्स को पंजाब में सप्लाई किए जाने के विरोध में यह आईईडी धमाका कराया गया। उन्होंने आगे दावा किया कि IED धमाके की प्लानिंग और उसे अंजाम गोपी नवांशहरिया और कबल सिंह ने दिया था।
आतंकी संगठनों ने चेतावनी भी दी
संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने इस पर कार्रवाई नहीं की तो अगली बार पुलिस के वाहनों और मुख्यालयों में बम लगाए जाएंगे, जिसका जवाब उनकी समझ से परे होगा। बयान में यह भी कहा गया कि यह लड़ाई किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि गंदे सिस्टम के खिलाफ है। इस मामले पर बद्दी के एसपी विनोद कुमार धीमान ने बताया कि उन्हें BKI और PSA द्वारा धमाके की जिम्मेदारी लेने की जानकारी मिली है। उन्होंने यह भी बताया कि नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की एक टीम ने आज धमाके वाली जगह का दौरा किया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने भी मौके का मुआयना किया है। पुलिस इस मामले में पंजाब पुलिस के साथ लगातार संपर्क में है।
गुरुवार सुबह नालागढ़ में हुआ था धमाका
बता दें कि नालागढ़ में यह धमाका गुरुवार सुबह करीब 9:40 बजे हुआ था। विस्फोट के कारण जमीन में करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया और आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए। पुलिस के अनुसार, धमाके का असर 40 से 50 मीटर के दायरे तक महसूस किया गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।घटना के बाद पुलिस ने धमाके वाली जगह को घेर लिया था और नालागढ़ सहित आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।














