कोलकाता । पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया है कि चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियां पार्टी के रणनीतिक दस्तावेजों और डेटा को निशाना बना रही हैं। इसे लेकर न सिर्फ बंगाल बल्कि दिल्ली समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
टीएमसी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां चुनाव से पहले पार्टी के रणनीतिक दस्तावेजों तथा डेटा को हाथ लगाने की कोशिश कर रही हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमाया गया है। पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई चुनाव वर्ष में राजनीतिक दबाव पैदा करने की साजिश का हिस्सा है। दिल्ली समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी है, जिसमें टीएमसी नेताओं ने प्रवर्तन निदेशालय की I‑PAC के खिलाफ छापेमारी का विरोध करते हुए केंद्र सरकार पर कड़ी टिप्पणियां कीं।
ममता बनर्जी के नेतृत्व में मार्च
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद ईडी की कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतर आईं। वह कोलकाता में उस स्थल पर पहुंचीं, जहां से I-PAC रेड के खिलाफ विरोध मार्च की शुरुआत की गई। ममता ने इसे संघीय ढांचे पर हमला बताते हुए केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया।
कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई टली
ईडी रेड से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट परिसर में भारी भीड़ और हंगामा देखने को मिला। हालात को देखते हुए अदालत ने मामले की सुनवाई फिलहाल स्थगित कर दी है।
भाजपा का पलटवार
भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक वर्तमान मुख्यमंत्री का निजी संपत्ति में घुसकर ईडी अधिकारियों को धमकाना और कागजात छीनना कानून का उल्लंघन है। भाजपा का दावा है कि ईडी की कार्रवाई एक निजी कंपनी पर थी, जिसका संबंध कोयला घोटाले से बताया जा रहा है।
अभिषेक बनर्जी का केंद्र पर हमला
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मोदी सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विरोध करने वालों को जेल भेजा जा रहा है, जबकि अपराधियों को आसानी से जमानत मिल रही है। उन्होंने इसे “भाजपा का नया भारत मॉडल” करार दिया।
सुवेंदु अधिकारी ने बताया ‘संवैधानिक हमला’
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया को “संविधान पर सीधा हमला” बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का व्यवहार आपराधिक श्रेणी में आता है और यह संस्थाओं की स्वतंत्रता को कमजोर करता है।














